पवित्र भूमि
नया नियम सिखाता है कि मसीहियों को विश्वासियों की देह के रूप में साथ मिलकर आराधना करने के लिए एकत्रित होने की अवहेलना नहीं करनी चाहिए। यद्यपि विभिन्न मंडलियों और समुदायों में आराधना का स्वरूप भिन्न दिखाई दे सकता है, लेकिन उसका यह सिद्धान्त समान ही रहता है: जहां भी मसीह की देह एकत्रित होती है, मसीह, हमारा पवित्र उद्धारकर्ता, वहाँ उपस्थित होता है। इस अद्भुत सत्य को पहचान लेना, हमें उकसाता है कि हम अपने मुक्तिदाता के पवित्र स्थान में अपनी तैयारी का पुनःअवलोकन करके आएं, और साथ ही यह हमें मसीह की देह के रूप में एक साथ एकत्रित होने के विशेषाधिकार को हल्के में लेने, तथा उसका निरादर करने, से हतोत्साहित करता है। यद्यपि हम हियाव के साथ अपने मुक्तिदाता के चेहरे की ओर निहार सकते हैं, क्योंकि उसने अपनी मृत्यु और पुनरुत्थान के द्वारा अपनी बाहें हमारे लिए फैलाईं हैं, लेकिन साथ ही हमें हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर के प्रति प्रेम और आदर भी दिखाना है।