एक भली पत्नी की आशीष- लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़
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एक भली पत्नी की आशीष

कुछ प्रभाव एक व्यक्ति के हृदय को परमेश्वर के लिए उसकी पत्नी से अधिक प्रभावित करते हैं, अच्छे के लिए या बुरे के लिए। वह या तो प्रभु के प्रति उसकी आत्मिक भक्ति को प्रोत्साहित करेगी या उसमें बाधा डालेगी। वह या तो परमेश्वर के लिए उसके उत्साह को बढ़ाएगी या उसे ठंडा कर देगी। किस प्रकार की पत्नी अपने पति की आत्मिक उन्नति को प्रोत्साहित करती है? नीतिवचन 31:10-31 हमें एक ऐसी पत्नी की रूपरेखा प्रदान करता है जो अपने पति के भरोसे के योग्य है। ऐसी पत्नी परमेश्वर की सच्ची समझदारी का मूर्त रूप है, जो स्वयं को इस योग्य बनाती है कि उसका पति पूर्ण भरोसे के साथ उस पर विश्वास करे।

“भली पत्नी कौन पा सकता है? उसका मूल्य तो मूँगों से भी बढ़कर है” (पद 10)। ऐसी अच्छी पत्नी का मिलना कठिन है।भली (इब्रानी में, हाइल ) शब्द का अर्थ “सामर्थ्य, क्षमता, साहस, या गरिमा” हो सकता है। यह स्त्री इनमें से प्रत्येक गुण का आदर्श प्रकट करती है, उसमें बड़ी क्षमता, उत्तम चरित्र, और परमेश्वर तथा अपने परिवार के प्रति दृढ़ समर्पण पाया जाता है। केवल प्रभु ही ऐसी भली स्त्री उपलब्ध करा सकता है: “मकान और धन पूर्वजों से प्राप्त होते हैं, परन्तु समझदार पत्नी यहोवा से प्राप्त होती है” (नीतिवचन 19:14)। “जो पत्नी पाता है, वह उत्तम वस्तु पाता है, और यहोवा से अनुग्रह प्राप्त करता है” (नीतिवचन 18:22)। यह गुणी स्त्री परमेश्वर की ओर से एक अनमोल उपहार है।

क्या यह कोई आश्चर्य की बात है कि “उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है” (31:11)? पति को उस पर विश्वास है क्योंकि “वह अपने जीवन के सारे दिनों में उसके प्रति बुरा नहीं पर भला व्यवहार करती है” (31:12)। वह अपने विवाह में अपने अनेक गुणों को लाती है, जो प्रत्येक उसके पति की निर्बलताओं के पूरक बन जाते हैं। उसके वरदान तुरन्त पति के लिए लाभ का कारण बन जाते हैं, और वह बहुत कुछ उपलब्ध कराती है जिससे कि पति उस पर भरोसा कर पाता है। 

 उसकी सेवा

पहला, यह असाधारण पत्नी बिना थके उसकी सेवा करती है। आलस्य किए बिना, वह सक्रिय रूप से “ऊन और सन ढूंढ़ती है” और फिर “हर्ष के साथ अपने हाथों से कार्य करती है” (13 पद)। वह “एक व्यापारी के जहाज़ों के समान” है (14 पद ), जो सबसे उचित मूल्य पर उत्तम अच्छे कपड़े को लेती है ताकि वह उत्तम वस्त्र बना सके। यह निःस्वार्थ पत्नी अपने परिवार के लिए भोजन तैयार करने के लिए “रात रहते ही जाग” जाती है (15 पद)। एक उत्तम प्रबन्धक होने के नाते वह “अपनी दासियों” को काम बाँटती है जब वे उसके साथ परिवार में कार्य करती हैं।

उसकी सफलता 

दूसरा, यह उद्यमी स्त्री अपने अनेक लेन-देन में सही निर्णय लेती है। वह बुद्धिमानी से “किसी एक खेत के विषय में सोचकर उसे मोल लेती है और फिर वह उसमें दाख की बारी लगाती है” (16 पद)। वह अपने “बल” (17 पद) के संकल्प से अपने परिवार के लिए खर्च हेतु आय अर्जित करती है। ये व्यापारिक लेन देन “अच्छे” हैं (18 पद), जो दूसरों के साथ साझा करने के लिए अतिरिक्त संसाधन प्रदान करते हैं। वह देर रात तक “तकली” तथा “चरखी” पर परिश्रम करती है (19 पद) अपने परिवार के लिए वस्त्र बनाने के लिए।

उसका त्याग 

तीसरा, यह परिश्रमी स्त्री उदारता से “निर्धनों” तथा “दरिद्रों” की सहायता करती है (20 पद)। “हिमपात” के समय में भी, वह अपने परिवार के लिए उपलब्ध कराती है। उसने अपने घराने के लिए पहले से ही ऊन के लाल वस्त्र तैयार करने की योजना बनाई है (21 पद)। वह उत्तम से उत्तम वस्तु प्रदान करने के लिए कोई भी प्रयास और मूल्य चुकाने के लिए तैयार रहती है। दूसरों के लिए प्रदान करने के बाद, यह परिश्रमी पत्नी “स्वयं चादरें बुनती” है और अपने लिए “बैजनी रंग” के “महीन मलमल के वस्त्र” बनाती  है (22 पद)। महंगे वस्त्र देने की उसकी योग्यता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि उसके परिश्रमों पर परमेश्वर का अनुग्रह है।

उसकी बुद्धिमत्ता 

चौथा, उसके कई गुण पति के लिए “प्रवेश द्वार” पर सम्मान का कारण होते हैं जहाँ नगर के प्राचीन मिलते हैं (23 पद)। गहरी समझ के साथ, यह उत्कृष्ट पत्नी सामग्री “बनाती” है, “बेचती” है और लोगों तक “पहुँचाती” है ( पद 24)। बहुत सक्षम होने पर भी, वह अपने पति के नेतृत्व के साथ बराबरी नहीं करती है, परन्तु वह अपने विनम्र अधीनता में होकर उसके पीछे चलती है—और हर कोई इसे जानता है।

उसकी शक्ति

पाँचवाँ, यह मूल्यवान पत्नी भविष्य की ओर अपनी आन्तरिक “शक्ति” और “सम्मान” के साथ देखती है (25 पद)। यद्यपि वह अनेक चुनौतियों का अनुमान लगाती, तब भी वह  प्रभु के प्रावधान करने वाली देखभाल पर सकारात्मक रीति से विश्वास करते हुए “हंसती है” (25 पद)। वह अपेक्षा करती है कि स्वर्गीय देखभाल उसके परिवार की प्रत्येक आवश्यकता को पूरा करेगी। जब लोग उससे सम्मति लेते हैं, वह उनसे “बुद्धिमानी” और “दया” (26 पद) की बातें बोलती है। घर के बाहर व्यस्त होने के बाद भी, वह “अपने घर” का अनदेखा नहीं करती है (27 पद)।

उसकी सर्वोच्चता

छठा, वह इतनी अच्छी माँ है कि उसके बच्चे उसकी श्रेष्ठता का अवलोकन करते हुए, “उसे धन्य कहते हैं” (28 पद)। उसका पति पालन-पोषण में उसके चरित्र को देखता है और “उसकी प्रशंसा करता है।” वह गर्व करता है कि बहुत सी स्त्रियों के बीच में वह “उनमें से श्रेष्ठ” है (29 पद)। उसकी दृष्टि में, कोई भी नहीं है जो वैध रूप से उसकी पत्नी के बराबर होने का दावा कर सकती है।

उसकी आत्मिकता 

सातवाँ, इस स्त्री की सच्ची महानता उसकी आत्मिक भक्ति है। वह “यहोवा का भय मानती है” (30 पद)। “आकर्षण” और “सुन्दरता” अकेले में मात्र “झूठ” और “व्यर्थ” हैं। उसके पति के लिए उसका वास्तविक  आकर्षण परमेश्वर के प्रति उसका आदर है। यहां तक कि शहर के प्राचीन भी नगर-द्वारों में उसके जीवन की सत्यनिष्ठा को पहचानते हुए उसकी “प्रशंसा करते हैं” (31 पद)। उसका पति उसकी विश्वासयोग्यता और परिश्रम को बहुमूल्य समझता है। वह पुरुषों में सबसे धन्य है।

क्या यह कोई आश्चर्य की बात है कि उसका पति उस पर भरोसा करता है? उसके जीवन में परमेश्वर की वास्तविकता उसे उसके पति के प्रति उसे पूर्ण विश्वास के योग्य बनाती है। प्रत्येक बात में, वह “अपने पति का मुकुट है” (नीतिवचन 12:14)। केवल परमेश्वर ही इस प्रकार की एक उत्तम सहायक को उपलब्ध करा सकता है।

क्या प्रभु ने आपको इस प्रकार की भली पत्नी दी है? क्या आप देखते हैं कि वह विशेष रूप से कैसे आपके लिए उपयुक्त है? क्या आप पहचानते हैं कि उसने प्रभु के लिए आपकी प्रभावकारिता को कैसे बढ़ाया है? फिर ऐसी स्त्री के लिए परमेश्वर को धन्यवाद दीजिए, जिसमें आपका हृदय भरोसा करता है।

यह लेख मूलतः लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ ब्लॉग में प्रकाशित किया गया।

स्टीवन जे. लॉसन
स्टीवन जे. लॉसन
डॉ. स्टीवन जे. लॉसन वनपैशन मिनिस्ट्रीज़ के अध्यक्ष और संस्थापक हैं, जो लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ के एक सह शिक्षक हैं, और कई पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें, फाउंडेशन ऑफ ग्रेस और द मूमेन्ट ऑफ ट्रूथ सम्मिलित है।