ब्लॉग - लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़

लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
4 मार्च 2021

परमेश्वर का भय मानने का क्या अर्थ है?

हमें बाइबल पर आधारित परमेश्वर के “भय” के अर्थ के विषय में कुछ महत्वपूर्ण भेद बनाने की आवश्यकता है। ये भेद सहायक हो सकते हैं, किंतु ये थोड़े ख़तरनाक भी हो सकते हैं। जब लूथर ने उससे संघर्ष किया, तो उसने यह भेद बनाया, जो तब से थोड़ा प्रसिद्ध हो गया: उसने दास के भय और संतान के भय के मध्य भेद किया।
3 मार्च 2021

आप कार्य क्यों करते हैं?

आप कार्य क्यों करते हैं? मैंने एक बार इस प्रश्न का बहुत निराशाजनक उत्तर सुना, जो कुछ इस प्रकार से था: “हमें नौकरी मिलती हैं ताकि कि हम अपने बच्चों को जूते दिला सकें, जिससे वे विद्यालय जा सकें, जिससे कि वे किसी दिन नौकरी पाएंगे, जिससे वे अपने बच्चों को जूते दिला सकें, जिससे वे …।” दूसरे शब्दों में, कार्य व्यर्थ है।
2 मार्च 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान: सन्तों का अन्त तक बना रहना

फिलिप्पियों को लिखते हुए, पौलुस कहता है, “मुझे इस बात का निश्चय है कि जिसने तुम में भला कार्य आरम्भ किया है, वही उसे मसीह यीशु के दिन तक पूर्ण भी करेगा” (फिलिप्पियों 1:6)।
1 मार्च 2021

ट्यूलिप एवं धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान: अप्रतिरोध्य अनुग्रह

ऐतिहासिक धर्मसुधार की विचारधारा में, विचार यह है: नया जन्म विश्वास से पहले होता है। हम यह भी मानते हैं कि नया जन्म मॉनर्जिस्टिक (अंग्रेज़ी शब्द जिसका अर्थ समझाया जा रहा है) है।
28 फ़रवरी 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान : सीमित प्रायश्चित्त

मैं सोचता हूँ कि कैल्विनवाद के पाँच बिन्दुओं में, सीमित प्रायश्चित्त सबसे विवादास्पद है, और यही सम्भवतः सबसे अधिक भ्रम और व्याकुलता उत्पन्न करता है। यह सिद्धान्त मुख्यतः परमेश्वर के मूल उद्देश्य, योजना या अभिप्राय से सम्बन्धित है मसीह के क्रूस पर मरने के लिए संसार में भेजने में।
25 फ़रवरी 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान: अप्रतिबन्धित चुनाव

चुनाव का धर्मसुधारवादी विचार, जो अप्रतिबन्धित चुनाव के नाम से भी जाना जाता है, का अर्थ है कि परमेश्वर पहले से कोई कार्य या हमारी स्थिति को नहीं देखते हैं जो उसे बाध्य करती है हमें बचाने के लिए। इसके विपरीत, चुनाव टिका हुआ है परमेश्वर की सार्वभौमिक निर्णय पर जिससे वह जिसे चाहता है उसे बचाता है।
24 फ़रवरी 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान: सम्पूर्ण भ्रष्टता

सम्पूर्ण भ्रष्टता का सिद्धान्त दर्शाता है मूल पाप के विषय में धर्म सुधारवादी दृष्टिकोण को। ये शब्द—मूल पाप—प्रायः गलत समझा जाता है साधारण प्रयोग में।
23 फ़रवरी 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान : प्रस्तावना

इससे कुछ वर्ष पूर्व कि प्रथम यात्री न्यू इंग्लैंड के तट पर मेयफ्लॉवर में जहाज़ से पहुँचे, नीदरलैंड्स में एक विवाद फूट पड़ा जो यूरोप में और फिर बाद में सम्पूर्ण विश्व में फैल गया। यह एक डच संस्थान के ईश्वरविज्ञान के विभाग के भीतर आरम्भ हुआ जो कैल्विन की शिक्षा के प्रति समर्पित था।
22 फ़रवरी 2021

युगों के लिए ईश्वरविज्ञानी: जॉन कैल्विन

जॉन कैल्विन (1509-1564) सरलता से सभी समय के सबसे महत्वपूर्ण प्रोटेस्टेन्ट ईश्वरविज्ञानी है और वास्तविक महान पुरुषों में से एक रहे हैं। एक विश्व-स्तरीय ईश्वरविज्ञानी, एक प्रसिद्ध शिक्षक, एक कलीसियाई अगुवा और एक बहादुर धर्मसुधारक