
5 बातें जो आपको पवित्रता के विषय में जाननी चाहिए
24 फ़रवरी 20265 बाते मूसा के विषय में जो आपको जाननी चाहिए।
मूसा बाइबल के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक है। यहाँ पर उसके विषय में पाँच बातें हैं जो सम्भवतः आप नहीं जानते होगे:
1. मूसा तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था।
उसकी बहन, मरियम, इतनी बड़ी थी कि वह देख सके कि शिशु के साथ क्या होगा, और इसके पश्चात फ़िरौन की बेटी से बात कर सके (निर्गमन 2:1–10)। उसका भाई, हारून, उससे तीन वर्ष बड़ा था (गिनती 33:39 और व्यवस्थाविवरण 34:6 की तुलना करें)।
2. मूसा का जीवन चालीस -चालीस वर्षों के तीन भागों में बँटा हुआ था।
यद्दपि निर्गमन 2 में इसका वर्णन नहीं है, प्रेरितों के काम 7:23 हमें बताता है कि जब मूसा ने मिस्र के एक व्यक्ति को मारा था, उस समय वह चालीस वर्ष का था। प्रेरितों के काम 7:30 हमें बताता है कि परमेश्वर के जलती हुई झाड़ी में प्रकट होने से पहले मूसा ने चालीस वर्ष जंगल में भेड़ें चराईं। फिर व्यवस्थाविवरण 34:6 हमें बताता है कि मूसा की मृत्यु 120 वर्ष की उम्र में हुई। तो मूसा ने चालीस वर्ष मिस्र में, चालीस वर्ष जंगल में भेड़ो को चराते हुए, और चालीस वर्ष जंगल में इस्राएलियों की अगुवाई करते हुए बिताए।
3. मूसा ने एक कूशी स्त्री से विवाह किया था (गिनती 12:1)।
हम जानते हैं कि उसने मिद्यानी याजक की बेटी सिप्पोरा से विवाह किया था (निर्गमन 2:16, 21)। परन्तु क्या गिनती 12 में बताई गई कूशी पत्नी सिप्पोरा ही थी? कुछ विद्वानों, जैसे ऑगस्टीन और कैल्विन, का मानना है कि सिप्पोरा और कूशी पत्नी एक ही स्त्री थीं। दूसरों का मानना है कि कूशी स्त्री दूसरी पत्नी थी क्योंकि कूश प्रायः इथियोपिया के लिए उपयोग होता है। क्योंकि बाइबल स्वयं इस विषय पर और अधिक प्रकाश डालना आवश्यक नहीं समझती, इसलिए हमें इस विषय को अनिर्णीत ही छोड़ देना चाहिए।
4. मूसा “बहुत नम्र था, पृथ्वी के सभी लोगों से अधिक” (गिनती 12:3)।
यह कथन, जो सम्भवतः स्वयं मूसा द्वारा लिखा गया, विरोधाभासी प्रतीत हो सकता है। क्या कोई नम्र या विनम्र व्यक्ति अपनी नम्रता के विषय में लिख सकता है? आलोचनात्मक विद्वानों ने इस कथन को इस बात का प्रमाण माना है कि मूसा ने यह नहीं लिखा था। परन्तु यदि ठीक से समझा जाए, तो यह टिप्पणी उस सन्दर्भ के लिए अत्यन्त आवश्यक है। मरियम और हारून ने मूसा के नेतृत्व के अधिकार पर प्रहार किया था। क्रोध और रुष्टता से प्रतिउत्तर देने के स्थान पर मूसा ने परमेश्वर को अपने पक्ष में बोलने दिया। जैसा कि कील और डेलित्ज़ कमेंट्री कहती है, “क्योंकि वह सभी मनुष्यों में सबसे अधिक विनम्र था, इसलिए वह अपने ऊपर हुए इस प्रहार को शान्ति से सर्वज्ञ और धर्मी न्यायाधीश पर छोड़ सकता था, जिसने उसे इस पद के लिए बुलाया और योग्य ठहराया था।”
5. मूसा और एलिय्याह यीशु के साथ रूपारन्तरण पर्वत पर प्रकट हुए (मत्ती 17:1–8; मरकुस 9:2–8; लूका 9:28–36)।
क्यों मूसा और एलियाह ही यीशु के साथ प्रकट हुए और पुराने नियम के दूसरे महान् लोग क्यों नहीं, यह विचार-विमर्श का विषय है। कुछ लोगों का मानना है कि मूसा और एलिय्याह क्रमशः व्यवस्था और नबियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस प्रकार वे मिलकर सम्पूर्ण पुराने नियम का प्रतिनिधित्व करते हैं। दूसरों का मानना है कि वे पुराने नियम में अश्चर्यक्रमों के दो मुख्य कालों का प्रतिनिधित्व करते हैं। मेरा अपना विचार यह है कि मूसा और एलियाह पुराने नियम के वे दो पुरुष थे जिन्होंने सीने पर्वत पर प्रभु से भेंट की थी। अतः यह उचित है कि वे रूपान्तरण के समय प्रभु से मिलें और इस प्रकार उसकी मसीहाई पहचान की पुष्टि करें।
यह लेख मूलतः लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ ब्लॉग में प्रकाशित किया गया।

