
यह विश्वस्त चिह्न लिगोनियर मिनिस्ट्रीज़् और आर. सी. स्प्रूल के संसाधनों पर दिखाई देता है जिनको अन्य भाषाओं में प्रकाशित किया गया है।
14 जनवरी 2026
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 14 जनवरी 2026
बाइबल की विश्वसनीयता का विषय अत्यावश्यक है। ऐतिहासिक रूप से कलीसिया ने पवित्रशास्त्र के माध्यम से ही विश्वास और जीवन से सम्बन्धित बातों को समझने का दावा किया है, परमेश्वर द्वारा कुछ नहीं में से सब वस्तुओं की सृष्टि से लेकर, यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु, पुनरुत्थान तक, और स्वर्गारोहण के महत्व से लेकर, उस अन्तिम चरमोकर्ष तक जिसकी ओर सम्पूर्ण इतिहास बढ़ रहा है।
14 जनवरी 2026
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 14 जनवरी 2026
‘सुसमाचार क्या है?, सम्भवत: हमारे लिए उत्तर देने के लिए इससे अधिक महत्वपूर्ण कोई प्रश्न नहीं है, क्योंकि हम जो उत्तर देंगे वह हमारी अनन्त नियति (हमारे अनन्त काल) को निर्धारित करने में सहायक होगा।
24 जनवरी 2025
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 24 जनवरी 2025
डॉ. स्प्रोल उनको, जो दुःख में से होकर जा रहे हैं और उनको जो दुःख सहने वालों की सेवा करते हैं, ठोस बाइबलीय परामर्श और सान्त्वना देते हैं, ऐसा परामर्श जो विश्वासियों की सहायता करे कि वे परीक्षा के समयों में एक ऐसे परमेश्वर में स्थिर रहें जो प्रेमी और भला दोनों है।
13 जून 2024
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 13 जून 2024
इस पुस्तिका में, डॉ. आर. सी. स्प्रोल समझाते हैं कि कलीसिया लोगों का समूह है, न कि एक भवन।
13 जून 2024
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 13 जून 2024
इस पुस्तिका में डॉ. आर. सी. स्प्रोल इब्रानियों 11 को विश्वास की बाइबलीय परिभाषा के लिए देखते हैं: परमेश्वर पर विश्वास करना और उसके वचन के अनुसार जीवन जीना।
27 फ़रवरी 2023
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 27 फ़रवरी 2023
बहुत लोग ईश्वरविज्ञान शब्द के प्रति यह मानते हुए नकारात्मक प्रतिक्रिया करते हैं कि इसमें सिद्धान्त के छोटे बिन्दुओं के विषय में नीरस, निष्फल विवाद सम्मिलित हैं। उनको पवित्रशास्त्र के आधारभूत सत्यों पर ध्यान देना भाता है और वे यह भी घोषणा करते हैं, “खीष्ट के अतिरिक्त कोई अन्य विश्वास वचन है ही नहीं।”
27 फ़रवरी 2023
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 27 फ़रवरी 2023
पवित्र आत्मा का व्यक्ति और कार्य इन दिनों बहुत रुचि जगाता है परन्तु बहुत अधिक भ्रम भी । बहुत से लोग पूरी रीति से यह नहीं समझते हैं कि आत्मा कौन है या वह हमारे जीवन में कैसे कार्य करता है। कुछ लोग तो यह भी दावा करते हैं कि आत्मा उनसे बाइबल से पृथक बात करता है।
14 अप्रैल 2022
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 14 अप्रैल 2022
जब एक मसीही प्रार्थना करता है तो क्या इससे कोई अंतर पड़ता है? क्या यह कुछ बदलती है? यद्यपि हमारी प्रार्थनाएँ परमेश्वर के मन को नहीं बदलती हैं, वह अपनी इच्छा को पूरी करने के लिए प्रार्थना को एक साधन के रूप में नियुक्त करता है।
4 जनवरी 2022
द्वारा लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ — 4 जनवरी 2022
यद्यपि यीशु के विषय में अनेक विचार है किन्तु उसको सच्चाई से समझने के लिए हमें बाइबल में देखना होगा। इस पुस्तिका में डॉ. आर.सी. स्प्रोल बाइबलीय वृतान्त की जाँच करते हुए परमेश्वर के पुत्र के रूप में ख्रीष्ट का एक विश्वसनीय रूपचित्र प्रस्तुत करते हैं।








