ब्लॉग - लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़

लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
26 जनवरी 2023

जब हम “मानव जीवन की बहुमूल्यता” की बात करते हैं तो हमारा क्या आशय है?

बाइबलीय भाषा में, मानव जीवन की बहुमूल्यता (sanctity of human life) का आधार और जड़ सृष्टि में है। मानवजाति को एक दुर्घटना के रूप में नहीं देखा जाता है, वरन् वह तो अनन्त परमेश्वर द्वारा सावधानी से निर्मित सृष्टि का प्रतिफल है।
24 जनवरी 2023

प्रार्थना का स्थान

मसीही जीवन का लक्ष्य क्या है? उसका लक्ष्य ईश्वरभक्ति है, जो मसीह के प्रति आज्ञापालन से उत्पन्न होती है। आज्ञाकारिता मसीही अनुभव के धन के कोष को खोल देती है।
19 जनवरी 2023

व्यवस्थावाद के 3 प्रकार

क्या आप पर, एक मसीही के रूप में, कभी व्यवस्थावाद का आरोप लगाया गया है? वह शब्द प्रायः मसीही समाज में त्रुटिपूर्वक रीति से उपयोग किया जाता है।
17 जनवरी 2023

पापनिष्कृति और कोपसन्तुष्टि के क्या अर्थ हैं

जब हम प्रायश्चित्त के प्रतिस्थानिक आयाम की बात करते हैं, तो दो बड़े तकनीकी शब्द बार-बार आते हैं: पापनिष्कृति और कोपसन्तुष्टि।
29 दिसम्बर 2022

प्रोटेस्टेन्ट विश्वास वचन और अंगीकार वचन

धर्मसुधार आंदोलन विश्वास के आधारभूत तथ्यों पर एक संघर्ष था। सर्वप्रथम लूथर के साथ, और फिर अन्य प्रोटेस्टेन्ट परम्पराओं के साथ, धर्मसुधारकों ने रोमी कैथोलिक शिक्षाओं  और पोप सम्बन्धी आधिकारिक शासन के ऊपर बाइबलीय विश्वास को रखा।
27 दिसम्बर 2022

धर्मसुधार क्यों अभी भी महत्व रखता है?

अक्टूबर 31, 2016 को, पोप फ्रांसिस ने यह घोषणा किया कि पाँच सौ वर्ष पश्चात्, प्रोटेस्टेन्ट और कैथोलिक लोगों के पास अब “उन वादविवादों और असहमतियों से हट कर अपने इतिहास के महत्वपूर्ण क्षण को सुधारने का अवसर है जो प्रायः हमें एक दूसरे को समझने से रोकते हैं।
22 दिसम्बर 2022

सच्चा धर्मसुधार

जागृति मसीही विश्वास के केन्द्र में है, और यही कारण है कि हम मसीही हैं। जागृति हमारे सम्प्रभु और अनुग्रहकारी परमेश्वर  का एक सामर्थी कार्य है। जब वह हमें जगाता है, वह हमें केवल नींद से ही नहीं जगाता, परन्तु मृत्यु से भी जगाता है।
20 दिसम्बर 2022

धर्मसुधार क्यों आवश्यक था?

कलीसिया को सदा धर्मसुधार की आवश्यकता है। नए नियम में भी, हम यीशु को पतरस को डांटते हुए देखते हैं, और हम पौलुस को कुरिन्थवासियों को सुधारते हुए देखते हैं।
15 दिसम्बर 2022

क्या धर्म सुधार समाप्त हो चुका है?

इस विषय पर उन लोगों के द्वारा कई अवलोकनों को प्रस्तुत किया गया है जिन्हें मैं “पहले के सुसमाचारवादी” (erstwhile evangelicals) कहूँगा। उनमें से एक ने लिखा है, “लूथर सोलहवीं शताब्दी में सही थे, परन्तु धर्मीकरण का प्रश्न अब कोई समस्या नहीं है”।