लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
9 अप्रैल 2026

क्या मनुष्य का स्वभाव मूलतः अच्छा है या पूर्णतः पापमय है?

मनुष्य मूल रूप से अच्छा नहीं, बल्कि पाप से प्रभावित स्वभाव के साथ जन्म लेता है। परमेश्वर का मानक पूर्ण आज्ञाकारिता है, जिसमें हम सभी असफल होते हैं—इसी कारण हमें यीशु मसीह की धार्मिकता की आवश्यकता है।
2 अप्रैल 2026

3 बातें जो आपको योएल के विषय में जाननी चाहिए

कठिन परिस्थितियों के बीच भी आशा बनी रहती है, क्योंकि परमेश्वर अपनी प्रजा को नहीं छोड़ता—वह उन्हें पुकारता है, उनकी सुनता है, और उचित समय पर अपनी आत्मा और आशीषों से उन्हें भर देता है।
31 मार्च 2026

बच्चे के खोने में परमेश्वर की सान्त्वना

गहरे दुःख के बीच भी सच्ची सान्त्वना केवल यीशु मसीह में मिलती है—वह जो हमारे साथ रोता है, हमारी पीड़ा को समझता है, और मृत्यु पर विजयी है। जब हम उसकी ओर देखते हैं, तो अंधकार में भी आशा की ज्योति दिखाई देती है।
26 मार्च 2026

सेवकाई में थकावट से कैसे निपटें

तुम में कौन है जो यहोवा का भय मानता हो, और उसके दास की बातों का पालन करता हो, जो प्रकाश के बिना अन्धकार में चलता हो? वह यहोवा के नाम पर भरोसा रखे और अपने परमेश्वर पर आशा लगाए रहे।
24 मार्च 2026

मैं निराशा सा सामना कैसे कर सकता हूँ?

निराशा के अंधकार में भी, छोटे-छोटे विश्वास, धैर्य और आज्ञाकारिता के कदम हमें फिर से आशा और परमेश्वर पर भरोसे की ओर ले जाते हैं।
19 मार्च 2026

गम्भीर बिमारी के मध्य आशा प्राप्त करना

मसीही लोग दुःख और बीमारी के बीच भी आशा रख सकते हैं, क्योंकि उनकी आशा यीशु मसीह और परमेश्वर की अनन्त प्रतिज्ञाओं में सुरक्षित है।
17 मार्च 2026

क्या परमेश्वर वास्तव में चिन्ता करता है?

निराशा और संदेह के बीच भी, क्रूस यह निश्चित करता है कि परमेश्वर न केवल आपकी चिन्ता करता है, बल्कि हर दुःख के मध्य आपको थामे और सँभाले रहता है।
12 मार्च 2026

पाप-अँगीकार क्या है?

नम्र हृदय से अपने पापों को स्वीकार करते हुए हम परमेश्वर की पवित्रता को मानते हैं और मसीह के लहू पर निर्भर रहते हैं। सच्चे पश्चाताप और विश्वास के साथ किया गया पाप-अँगीकार हमें शुद्ध करता है, नम्र बनाता है और हमें जीवित परमेश्वर की सेवा में नया जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करता है।
10 मार्च 2026

पापों की क्षमा का आश्वासन क्या है?

हम नम्रता से अपने पापों को परमेश्वर के सामने स्वीकार करते हुए मसीह की पूर्ण क्षमा के आश्वासन में दृढ़ रहें। उसके वचन पर भरोसा करते हुए हम अनुग्रह, आशा और नई आज्ञाकारिता के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित होते हैं।