लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
15 जनवरी 2026

कलीसिया में अगुवाई

भक्ति-पूर्ण सेवकाई और अगुवाई का पहला सिद्धान्त यही होना चाहिए—कि हम हमारे बोलने में,  हमारे आचरण में, या हमारे दृष्टिकोण में, अपने आप को ऊँचा मानने के भाव को न अपनाएँ।
13 जनवरी 2026

कार्यों की वाचा

जब हम नये नियम में ख्रीष्ट के छुटकारे के कार्य को समझते हैं, तो हम मुख्यतः उसके दो पक्षों पर ध्यान केन्द्रित करते हैं। एक ओर, हम प्रायश्चित को देखते हैं। नया नियम स्पष्ट करता है कि प्रायश्चित्त में यीशु अपने लोगों के पापों को उठाता है और हमारे स्थान पर उनके लिए दण्ड भोगता है।
8 जनवरी 2026

परमेश्वर-मनुष्य क्यों?

जब कलीसिया यह अंगीकार करती है कि परमेश्वर की धार्मिकता के सन्तुष्ट होने की आवश्यकता है, तो यह आवश्यकता कोई ऐसी बात नहीं है जो परमेश्वर पर बाहर से लादी गई हो, वरन् यह आवश्यकता उसके अपने ही चरित्र और स्वभाव से उत्पन्न होती है।
6 जनवरी 2026

परमेश्वर का अटूट प्रेम

परमेश्वर की करुणा की निरंतरता और निष्ठा, सभी प्रकार की बाधाओं और क्लेशों के बीच बने रहने की उसकी क्षमता में प्रदर्शित होती है।
1 जनवरी 2026

समस्त सत्य परमेश्वर का सत्य है

विज्ञान शब्द का अर्थ “ज्ञान” है। प्रायः हम इस शब्द को बहुत सीमित अर्थ में समझते हैं, मानो ज्ञान केवल अनुभवजन्य (empirical) अनुसन्धान तक ही सीमित हो।
30 दिसम्बर 2025

शुभ शुक्रवार (गुड फ्राइडे) को “शुभ” क्यों कहा जाता है?

पवित्र शास्त्र स्पष्ट करता है कि समस्त मानवजाति एक गम्भीर संकट में है। हम सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं (रोमियों 3:23)।
25 दिसम्बर 2025

एक प्रभु

यह तथ्य कि एकमात्र परमेश्वर अपनी सृष्टि पर स्वयं को प्रकट करता है, बाइबल के एकेश्वरवाद की नींव को मज़बूत करता है। यदि हमें केवल यह पता हो कि एक परमेश्वर का अस्तित्व है, पर उसके विषय में और कुछ न जानते हों, तो इसका क्या लाभ?
23 दिसम्बर 2025

यीशु की प्रार्थनाओं की सान्त्वना

एक सेवक के रूप में, मुझे अनेक लोगों के साथ मिलकर पवित्रशास्त्र को खोलने और यह दिखाने का अवसर मिला है कि विभिन्न विषयों पर परमेश्वर क्या कहता है। इन वर्षों में, मुझसे सबसे अधिक पूछा जाने वाला एक प्रश्न यह रहा है कि विश्वासियों के उद्धार की सुरक्षा के लिए ख्रीष्ट के कार्य का अर्थ क्या है।
18 दिसम्बर 2025

न्यायियों से सीखना

इतिहास के कुछ विशेष काल मुझे समस्त मानव-इतिहास की दिशा को समझने के लिए विशेष रूप से शिक्षाप्रद प्रतीत होते हैं। अर्थात् कभी-कभी हम अतीत के किसी एक विशिष्ट अवधि पर ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं, देख सकते हैं कि कैसे सम्पूर्ण मानव-इतिहास उस काल की पुनरावृत्त करता है, और फिर उसी काल से सीख सकते हैं कि हमे आज क्या करना चाहिए।