ब्लॉग - लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़

लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
23 नवम्बर 2021

राई के बीज और ख़मीर का दृष्टान्त

पृथ्वी पर उसकी सेवकाई के आरम्भ से ही यीशु की शिक्षा में परमेश्वर का राज्य का एक महत्वपूर्ण स्थान था (मत्ती 4:17; मरकुस 1:15; लूका 4:43)। उसने घोषित किया कि उसका पृथ्वी पर आने का अर्थ है कि परमेश्वर का राज्य निकट है।
23 नवम्बर 2021

दक्ष कहानीकार

मुझे अच्छी कहानी पसन्द है। हालाँकि, मैंने पाया है कि अधिकाँश कहानियाँ, विशेषतः हाल की, उतनी अच्छी नहीं हैं। वास्तव में अच्छी कहानियाँ प्रायः बहुत पुरानी होती हैं। वे समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं।
18 नवम्बर 2021

समाप्तिवाद

“वे उस रीति से आराधना करते हैं क्योंकि उनके पास पवित्र आत्मा नहीं है।” वर्षों पहले जब मैं एक पेंटोकॉस्टल/करिश्माई मसीही था मैं प्रायः इस कथन को सुनता था, जब भी हम पेंटोकॉस्टल लोग अ-पेंटोकॉस्टल  विश्वासियों के विषय में बात करते थे, विशेष रूप से उन के विषय में जो औपचारिक आराधना-प्रार्थना रीति का पालन करते थे।
16 नवम्बर 2021

मध्यवर्ती अवस्था

सेवक प्राय: मृत्यु और उसके साथ आने वाले अनिवार्य प्रश्नों से निपटते हैं। मृत्यु की वास्तविक प्रकृति ही कठिन प्रश्न उठाती है। परिवार के किसी सदस्य या उनके किसी परिचित की मृत्यु के बाद बच्चों को सान्त्वना के अच्छे कामना के शब्दों का दिया जाना असामान्य नहीं है।
11 नवम्बर 2021

कलीसियाई सदस्यता

आप ऐसे माता और पिता के विषय में क्या सोचेंगे, जो अपने नवजात बच्चे के संसार में जन्म के पश्चात, उसे स्वयं की देखभाल करने के लिए छोड़ देते हैं? यह बच्चे के लिए विनाशकारी होगा, और माता-पिता बाल शोषण के दोषी होंगे।
9 नवम्बर 2021

सेवात्मक और घोषणात्मक अधिकार

कलीसियाई इतिहास का एक संक्षिप्त सर्वेक्षण प्रकट करता है कि कलीसिया के सामर्थ्य के दुरुपयोग की तुलना में केवल एक बात अधिक प्रचलित है, जो कि इसके उचित प्रशासन के प्रति आधीन होने के लिए परमेश्वर के लोगों की अनिच्छा है।
4 नवम्बर 2021

शिशु- बपतिस्मावाद

एक प्रेस्बिटेरियन सेवक के रूप में, मुझ से प्रायः पूछा जाता है कि मैं शिशुओं को बपतिस्मा देने में क्यों विश्वास करता हूँ। मुझे जिस संख्या में प्रश्न मिलते हैं, वह मुझे बताता है कि इस सिद्धान्त के विषय में बहुत बड़ी भ्रान्ति है।
2 नवम्बर 2021

पूर्व निर्धारण और मानवीय कार्य

ईडिपस की कथा को प्राय: यूनानी भाग्यवाद का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। अपने पितृत्व एवं मातृत्व के विषय में सन्देह से व्याकुल, कथा का नायक एक भविष्यवक्ता की परामर्श लेता है जो घोषणा करता है कि उसे अपने पिता की हत्या करने और अपनी माता से विवाह करने के लिए पूर्वनिर्धारित है।
26 अक्टूबर 2021

सीमित प्रायश्चित

जे.सी. राइल ने एक बार टिप्पणी की कि “सटीक परिभाषाओं का अभाव ही धार्मिक मतभेद का वास्तविक जीवन है।” यह विशेष रूप से तब होता है जब सीमित प्रायश्चित के सिद्धान्त की बात आती है।