ब्लॉग - लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़

लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
3 मई 2022

ईश्वरविज्ञान, ईश्वरविज्ञान, ईश्वरविज्ञान: लिग्निएर क्यों?

हमारे प्रिय संस्थापक डॉ. आर. सी. स्प्रोल के 2017 में निधन के समय से लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ निरन्तर बढ़ रही है।
28 अप्रैल 2022

परमेश्वर को जानने में लोगों की सहायता करना

वर्ष 1971 में, परमेश्वर ने आर.सी. और वेस्टा स्प्रोल का उपयोग लिग्निएर वैली स्टडी सेन्टर की स्थापना करने के लिए
26 अप्रैल 2022

अभिलाषा से निपटना

वे हमारी त्वचा के समान हमारे समीप हैं, प्रेरित यूहन्ना द्वारा वर्णित अभिलाषाओं के तीन रूप: शरीर की अभिलाषा, आँखों की लालसा और जीवन का अहंकार (1 यूहन्ना 2:16)।
21 अप्रैल 2022

गोद लेने के लिए एक इच्छा

पिता के द्वारा आत्मा में पुत्र के माध्यम से प्रेम किए जाने का अर्थ है एक सदा-प्रवाहित अनन्त प्रेम में जकड़ लिया जाना जो कि जिसे प्रेम किया जाता है, उसे प्रायः कष्टदाई परन्तु प्रगतिशील रूप से परिवर्तित करता है।
19 अप्रैल 2022

मसीहियों के साथ मिलन

सुसमाचार में परमेश्वर के अनुग्रह की अधिकाईयों और इसके सभी निहितार्थों को समझने के लिए ख्रीष्ट के साथ मिलन का सिद्धान्त केन्द्रीय है।
14 अप्रैल 2022

क्या प्रार्थना बातों को बदलती है?

जब एक मसीही प्रार्थना करता है तो क्या इससे कोई अंतर पड़ता है? क्या यह कुछ बदलती है? यद्यपि हमारी प्रार्थनाएँ परमेश्वर के मन को नहीं बदलती हैं, वह अपनी इच्छा को पूरी करने के लिए प्रार्थना को एक साधन के रूप में नियुक्त करता है।
14 अप्रैल 2022

ख्रीष्ट के साथ मिलन के चिन्ह और मुहर

जैसे कि उसने अपने वचन की सामर्थ के द्वारा संसार को अस्तित्व में बुलाया (भजन संहिता 33:6-9; इब्रानियों 11:3), वैसे ही परमेश्वर अपनी कलीसिया को सुसमाचार की बुलाहट की सामर्थ के द्वारा अस्तित्व में लाता है (2 थिस्सलुनीकियों 2:13-14; 1 पतरस 2:9-10)।
12 अप्रैल 2022

पौलुस की पत्रियों में ख्रीष्ट के साथ मिलन

पवित्रशास्त्र के सबसे अद्भुत खण्डों में से एक प्रकट होता है इफिसियों के लिए पौलुस की पत्री के प्रारम्भ में, जहाँ प्रेरित यथाशब्द आरम्भ से ही आरम्भ करता है जब वह लिखता है, “उसने [परमेश्वर ने] हमें अपनी इच्छा के भले अभिप्राय के अनुसार पहिले से ही अपने लिए यीशु ख्रीष्ट के द्वारा लेपालक पुत्र होने के लिए ठहराया” (1:4-5)।
8 अप्रैल 2022

त्रिएक परमेश्वर के साथ मिलन

क्या आपने कभी कल्पना की है कि मृत्यु के अन्तिम कुछ घण्टों में होना कैसा होता होगा—एक वृद्ध व्यक्ति के रूप में नहीं, परन्तु एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जिसे प्रत्येक अपराध के लिए निर्दोष होते हुए भी दण्डित किया गया हो?