ब्लॉग - लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़

लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
11 नवम्बर 2021

कलीसियाई सदस्यता

आप ऐसे माता और पिता के विषय में क्या सोचेंगे, जो अपने नवजात बच्चे के संसार में जन्म के पश्चात, उसे स्वयं की देखभाल करने के लिए छोड़ देते हैं? यह बच्चे के लिए विनाशकारी होगा, और माता-पिता बाल शोषण के दोषी होंगे।
9 नवम्बर 2021

सेवात्मक और घोषणात्मक अधिकार

कलीसियाई इतिहास का एक संक्षिप्त सर्वेक्षण प्रकट करता है कि कलीसिया के सामर्थ्य के दुरुपयोग की तुलना में केवल एक बात अधिक प्रचलित है, जो कि इसके उचित प्रशासन के प्रति आधीन होने के लिए परमेश्वर के लोगों की अनिच्छा है।
4 नवम्बर 2021

शिशु- बपतिस्मावाद

एक प्रेस्बिटेरियन सेवक के रूप में, मुझ से प्रायः पूछा जाता है कि मैं शिशुओं को बपतिस्मा देने में क्यों विश्वास करता हूँ। मुझे जिस संख्या में प्रश्न मिलते हैं, वह मुझे बताता है कि इस सिद्धान्त के विषय में बहुत बड़ी भ्रान्ति है।
2 नवम्बर 2021

पूर्व निर्धारण और मानवीय कार्य

ईडिपस की कथा को प्राय: यूनानी भाग्यवाद का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। अपने पितृत्व एवं मातृत्व के विषय में सन्देह से व्याकुल, कथा का नायक एक भविष्यवक्ता की परामर्श लेता है जो घोषणा करता है कि उसे अपने पिता की हत्या करने और अपनी माता से विवाह करने के लिए पूर्वनिर्धारित है।
26 अक्टूबर 2021

सीमित प्रायश्चित

जे.सी. राइल ने एक बार टिप्पणी की कि “सटीक परिभाषाओं का अभाव ही धार्मिक मतभेद का वास्तविक जीवन है।” यह विशेष रूप से तब होता है जब सीमित प्रायश्चित के सिद्धान्त की बात आती है।
21 अक्टूबर 2021

सोला स्क्रिप्टुरा

1546 में, ट्रेन्ट के महासभा ने, जो एक रोमन कैथोलिक समिति थी जो मार्टिन लूथर की मृत्यु के कुछ ही समय बाद इकट्ठी हुई, पवित्रशास्त्र के सम्बन्ध में दो आदेश वितरित किए। पहले आदेश ने उन लोगों को शापित किया जिन्होंने पवित्रशास्त्र को स्वीकार नहीं किया।
19 अक्टूबर 2021

दक्ष कहानीकार

हम ज्ञान के खोने और पुन: प्राप्त करने के सम्बन्ध में सृष्टि, पतन, और पुनर्स्थापना के बाइबलीय वर्णन पर टिप्पणी करते हुए “सत्य को जानने” के विषय पर विचार करेंगे, यह ध्यान देते हुए कि रोमियों को लिखी गई अपनी पत्री के आरम्भिक अध्यायों में पौलुस मानव जाति की दुर्दशा के बारे में किस प्रकार लिखता है।
14 अक्टूबर 2021

सत्य को जानना

हम ज्ञान के खोने और पुन: प्राप्त करने के सम्बन्ध में सृष्टि, पतन, और पुनर्स्थापना के बाइबलीय वर्णन पर टिप्पणी करते हुए “सत्य को जानने” के विषय पर विचार करेंगे, यह ध्यान देते हुए कि रोमियों को लिखी गई अपनी पत्री के आरम्भिक अध्यायों में पौलुस मानव जाति की दुर्दशा के बारे में किस प्रकार लिखता है।
11 अक्टूबर 2021

यीशु सत्य बताने वाला

लोकप्रिय यीशु दन्तकथाएं हमें भरोसा दिलाती हैं कि उसने कभी किसी का सामना नहीं किया, किसी को असहज अनुभव नहीं कराया, या किसी की जीवन शैली का न्याय नहीं किया।