7 मई 2026
परमेश्वर स्वयं प्रेम है, और उसका प्रेम क्रूस पर सबसे स्पष्ट दिखाई देता है। यही प्रेम हमारे हृदयों को बदलकर हमें परमेश्वर और दूसरों से प्रेम करने के लिए प्रेरित करता है। जब हम इस प्रेम को समझते हैं, तो हमारा जीवन और सेवा उसी के प्रति समर्पित हो जाते हैं।
