Does God Accept the Worship of All Religions?

क्या परमेश्वर सभी धर्मों की आराधना को स्वीकार करता है?

23 अप्रैल 2026
Does God Accept the Worship of All Religions?

क्या परमेश्वर सभी धर्मों की आराधना को स्वीकार करता है?

23 अप्रैल 2026

यीशु ने अपने स्वर्गारोहण से पहले कौन-सी प्रतिज्ञा की थी?

What Promise Did Jesus Give Before His Ascension

अपने स्वर्गारोहण से पूर्व यीशु ने अपने प्रेरितों को जो अन्तिम प्रतिज्ञा दी, वह यह थी कि पवित्र आत्मा उन पर आएगा और उन्हें सामर्थ देगा जिससे कि वे सुसमाचार को पृथ्वी के छोर छोर तक ले जा सकें (प्रेरितों के काम 1:8)। लूका इस प्रतिज्ञा की पूर्ति का वर्णन प्रेरितों के काम अध्याय 2 से आरम्भ करता है, जहाँ बताया गया है कि पिन्तेकुस्त के दिन पवित्र आत्मा कलीसिया पर उतरा।

पुरानी वाचा के अन्तर्गत, पिन्तेकुस्त इस्राएलियों के लिए तीन प्रमुख पर्वों में से एक था, जिसके लिए इस्राएलियों को यरूशलेम जाना आवश्यक था (व्यवस्थाविवरण 16)। इसे सप्ताहों का पर्व भी कहा जाता था, क्योंकि यह पहिलौठों के पर्व के पचास दिन, अर्थात् सात सप्ताह बाद मनाया जाता था, जो फसह के सप्ताह में पहले सब्त के बाद पहले दिन मनाया जाता था। पिन्तेकुस्त पुराने नियम में बसंतकालीन अनाज की कटनी के अन्त का सूचक था (लैव्यव्यवस्था 23:4–22)। समय के साथ यहूदियों ने पिन्तेकुस्त को सीनै पर्वत पर व्यवस्था दिए जाने के साथ भी जोड़ना आरम्भ कर दिया, सम्भवतः इसलिए कि मिस्र से निर्गमन और व्यवस्था प्राप्त होने के मध्य लगभग पचास दिन का अन्तर था (निर्गमन 19:1)।

नई वाचा में प्रवेश करते हुए, पवित्र आत्मा परमेश्वर के लोगों पर उस पिन्तेकुस्त के दिन उतरा जो यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान के ठीक पश्चात घटित होती है। आत्मा “एक प्रचण्ड आँधी की सनसनाहट” के साथ आया। यूनानी और इब्रानी दोनों भाषाओं में “आत्मा” के लिए जिस शब्द का प्रयोग होता है, उसी शब्द का अनुवाद “वायु” के रूप में भी किया जाता है और पवित्रशास्त्र पवित्र आत्मा के सामर्थी कार्य को प्रायः प्रचण्ड वायु या श्वास के रूप में वर्णित करता है (यहेजकेल 37:1–14; यूहन्ना 3:8)। आँधी की सी सनसनाहट के साथ-साथ, आग के समान जीभें विभाजित होती दिखाई दीं और उनमें से प्रत्येक पर आ ठहरी (प्रेरितों 2:3)। आग परमेश्वर की उपस्थिति और ख्रीष्ट के द्वारा प्रतिज्ञात पवित्र करने वाले बपतिस्मे का चिन्ह थी (निर्गमन 3:1-6; लूका 3:15–17)।

निस्सन्देह, पवित्र आत्मा नई वाचा के पिन्तेकुस्त से पहले भी वाचा के लोगों के साथा था, क्योंकि वही उन्हें नया जन्म देता था और विश्वास का वरदान प्रदान करता था। ऐसा होना आवश्यक था, क्योंकि किसी भी वाचा के अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति एकमात्र सच्चे परमेश्वर पर विश्वास तभी कर सकता है जब वह आत्मा के द्वारा नया जन्म पाए (यूहन्ना 3:3)। फिर भी, नई वाचा में पवित्र आत्मा का अनुभव कहीं अधिक महान् है, क्योंकि अब सभी मसीही सेवा कार्य हेतु पवित्र आत्मा के वरदानों को प्राप्त करते हैं।

 यह लेख मूलतः लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ ब्लॉग में प्रकाशित किया गया।

लिग्निएर संपादकीय

लिग्निएर संपादकीय

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।