लेख
9 अप्रैल 2026
द्वारा लिग्निएर संपादकीय — 9 अप्रैल 2026
मनुष्य मूल रूप से अच्छा नहीं, बल्कि पाप से प्रभावित स्वभाव के साथ जन्म लेता है। परमेश्वर का मानक पूर्ण आज्ञाकारिता है, जिसमें हम सभी असफल होते हैं—इसी कारण हमें यीशु मसीह की धार्मिकता की आवश्यकता है।
2 अप्रैल 2026
द्वारा रिचर्ड पी. बेल्चर जूनियर — 2 अप्रैल 2026
कठिन परिस्थितियों के बीच भी आशा बनी रहती है, क्योंकि परमेश्वर अपनी प्रजा को नहीं छोड़ता—वह उन्हें पुकारता है, उनकी सुनता है, और उचित समय पर अपनी आत्मा और आशीषों से उन्हें भर देता है।
31 मार्च 2026
द्वारा जैकी गिबसन — 31 मार्च 2026
गहरे दुःख के बीच भी सच्ची सान्त्वना केवल यीशु मसीह में मिलती है—वह जो हमारे साथ रोता है, हमारी पीड़ा को समझता है, और मृत्यु पर विजयी है। जब हम उसकी ओर देखते हैं, तो अंधकार में भी आशा की ज्योति दिखाई देती है।
लेख
9 अप्रैल 2026
द्वारा लिग्निएर संपादकीय — 9 अप्रैल 2026
मनुष्य मूल रूप से अच्छा नहीं, बल्कि पाप से प्रभावित स्वभाव के साथ जन्म लेता है। परमेश्वर का मानक पूर्ण आज्ञाकारिता है, जिसमें हम सभी असफल होते हैं—इसी कारण हमें यीशु मसीह की धार्मिकता की आवश्यकता है।
2 अप्रैल 2026
द्वारा रिचर्ड पी. बेल्चर जूनियर — 2 अप्रैल 2026
कठिन परिस्थितियों के बीच भी आशा बनी रहती है, क्योंकि परमेश्वर अपनी प्रजा को नहीं छोड़ता—वह उन्हें पुकारता है, उनकी सुनता है, और उचित समय पर अपनी आत्मा और आशीषों से उन्हें भर देता है।




