लेख
8 जनवरी 2026
द्वारा आर.सी. स्प्रोल — 8 जनवरी 2026
जब कलीसिया यह अंगीकार करती है कि परमेश्वर की धार्मिकता के सन्तुष्ट होने की आवश्यकता है, तो यह आवश्यकता कोई ऐसी बात नहीं है जो परमेश्वर पर बाहर से लादी गई हो, वरन् यह आवश्यकता उसके अपने ही चरित्र और स्वभाव से उत्पन्न होती है।
6 जनवरी 2026
द्वारा आर.सी. स्प्रोल — 6 जनवरी 2026
परमेश्वर की करुणा की निरंतरता और निष्ठा, सभी प्रकार की बाधाओं और क्लेशों के बीच बने रहने की उसकी क्षमता में प्रदर्शित होती है।
1 जनवरी 2026
द्वारा आर.सी. स्प्रोल — 1 जनवरी 2026
विज्ञान शब्द का अर्थ “ज्ञान” है। प्रायः हम इस शब्द को बहुत सीमित अर्थ में समझते हैं, मानो ज्ञान केवल अनुभवजन्य (empirical) अनुसन्धान तक ही सीमित हो।
लेख
8 जनवरी 2026
द्वारा आर.सी. स्प्रोल — 8 जनवरी 2026
जब कलीसिया यह अंगीकार करती है कि परमेश्वर की धार्मिकता के सन्तुष्ट होने की आवश्यकता है, तो यह आवश्यकता कोई ऐसी बात नहीं है जो परमेश्वर पर बाहर से लादी गई हो, वरन् यह आवश्यकता उसके अपने ही चरित्र और स्वभाव से उत्पन्न होती है।
6 जनवरी 2026
द्वारा आर.सी. स्प्रोल — 6 जनवरी 2026
परमेश्वर की करुणा की निरंतरता और निष्ठा, सभी प्रकार की बाधाओं और क्लेशों के बीच बने रहने की उसकी क्षमता में प्रदर्शित होती है।




