केन जोन्ज़, Author at लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़

लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
2 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जो नम्र हैं

टीकाकारों और बाइबल के शिक्षकों के लिए धन्य वाणियों में  “धन्य” की व्याख्या “खुश रहना” अर्थ के रूप में करना असामान्य नहीं है। यूनानी में शब्द जिसका अनुवाद  “धन्य” किया जाता है मकारियोस  है, और जबकि “खुश रहना” एक उपाय है इसकी व्याख्या करने के लिए, धन्य वाणियों के व्यापक सन्दर्भ में, खुशी निशाने से चूक जाते हुए प्रतीत होता है।
6 अप्रैल 2021

शिष्य ठोकर खाते हैं

यदि मैं एक वाक्यांश को ले सकता (और थोड़ा नया करके बोल सकता) जो मैंने एक बार सुना था, तो मैं कहता कि शिष्यता का अस्तित्व है क्योंकि आराधना का नहीं है।