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मसीही जीवन के लिए एक संकल्प

A Resolution for the Christian Life

आज, हम नए वर्ष के लिए प्रेरित पौलुस के एक पत्र से एक वचन पर विचार करेंगे। सम्भव है कि आप इससे परिचित हों, और हो सकता है कि आपको यह कण्ठस्थ भी हो। परन्तु यदि नहीं भी किया है, तो मैं सोचता हूँ कि आप इसे बहुत सरलता से स्मरण रख पाएँगे। यह फिलिप्पियों 3:10–14 में पौलुस का व्यक्तिगत संकल्प है:

जिससे कि मैं उसको और उसके जी उठने के सामर्थ्य को तथा उसके साथ दुखों में सहभागी होने के मर्म को जानूं, कि उसकी मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं,

यह नहीं कि मैं प्राप्त कर चुका हूँ या सिद्ध हो चुका हूं, पर उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अग्रसर होता जाता हूं, जिसके लिए मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था। हे भाइयो, मेरी धारणा यह नहीं कि मैं प्राप्त कर चुका हूं, परन्तु यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं, उन्हें भूल कर आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ, लक्ष्य की ओर दौड़ा जाता हूँ कि वह इनाम पाऊं जिसके लिए परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।

फिलिप्पियों को लिखे पत्र के आरम्भ में, पौलुस संकेत करता है कि उसका युवा सहकर्मी तीमुथियुस उसके साथ था। पौलुस प्रायः अपना पत्र बोलकर लिखवाता था, और कभी-कभी मैंने सोचता हूँ कि उसने तीमुथियुस का उल्लेख इसलिए किया होगा, क्योंकि उसने इस पत्र को लिखने में पौलूस  के लेखक-सचिव के रूप में काम किया होगा। पत्र “पौलुस और तीमुथियुस” शब्दों से आरम्भ होता है, और मैं सोचता हूँ कि क्या पौलूस विश्वास में अपने इस बेटे’ को देखकर मुस्कान दी होगी, जब उसने उससे अपना नाम लिखने को कहा होगा।

परन्तु यदि ऐसा था, तो मुझे पूरा निश्चय है कि जब पौलुस इस वाक्य पर पहुँचा होगा, “परन्तु मैं एक काम करता हूँ,” तो तीमुथियुस ने सम्भवतः पौलुस की ओर आश्चर्य की दृष्टि से देखा होगा। और यदि पौलुस ने उससे पूछा हो कि क्या उसने कुछ ऐसा कहा है जो तीमुथियुस को समझ नहीं आया, तो सम्भवतः तीमुथियुस ने साहस करके कहा हो: “पौलुस, क्या आप सचमुच चाहते हैं कि मैं लिखूँ कि आप केवल एक ही काम करते हैं? जब से मैं आपको जानता हूँ, आप तो एक साथ अनेक कार्य करते रहे हैं। आप तो जैसे अनेक कार्य एक साथ करने वाले प्रेरित हैं, आप सदा यात्रा करते रहते हैं, सदा प्रचार करते हैं, सदा प्रार्थना करते हैं, सदा लोगों से मिलते हैं, सदा परामर्श देते हैं। मैंने आपको कभी केवल एक काम करते नहीं देखा। “

मुझे लगता है कि पौलुस अपने इस युवा मित्र तीमुथियुस को देखकर मुस्कुराया होंगा और कहा होगा: “मैं समझता हूँ कि तुम क्या कहना चाहते हो, तीमुथियुस। तुमसे अच्छा और कोई नहीं जानता कि मैं क्या-क्या करता हूँ और कितना व्यस्त रहता हूँ। परन्तु तुम्हें यह समझना होगा कि मैं कई अलग-अलग काम करने में व्यस्त नहीं हूँ। मैं तो केवल एक ही काम को कई अलग-अलग रीति से करने में व्यस्त हूँ। और ये सभी काम प्रभु यीशु ख्रीष्ट को और अच्छी रीति से जानने, उसके जीवन को अपनाने और उसी के समान बनने के विषय में हैं। यही मेरे प्रत्येक कार्य का केंद्र है—कई अर्थों  में तो यही राज भी है—मेरे प्रत्येक जागते क्षण और हर गतिविधि का। ये सभी काम वास्तव में केवल इसी एक काम को करने की अलग-अलग विधियाँ हैं।”

जब मैं स्कॉटलैंड में छोटा लड़का था, तो हर नए वर्ष की पूर्वसन्ध्या (जिसे वहाँ ‘हॉगमेने’ कहते हैं)पर मेरे माता-पिता मुझे अपने कमरे में जाकर आने वाले वर्ष के लिए दस नए वर्ष के संकल्प लिखने को कहते थे।  पीछे मुड़कर देखने पर अब मुझे हँसी आती है कि मुझे दस बातें खोजने में कितना कठिन लगता था जिनमें मुझे सुधार करना चाहिए। आज तो मैं उन्हें कहीं अधिक सरलता से लिख सकता हूँ। 

परन्तु यदि आप एक मसीही हैं, तो आपको वास्तव में आपको केवल एक ही नए वर्ष का संकल्प चाहिए, और इस विषय में पौलुस का यह निश्चय आपके लिए अत्यन्त सहायक होगा। विशेषकर यदि आप एक युवा मसीही हैं या युवा व्यक्ति हैं, तो इससे अधिक सहायक और कुछ नहीं कि आप समझें कि यही वह मार्ग है जो आपके जीवन को सरल और सुव्यवस्थित बना सकता है। यही वह बात है जो आपको सही दिशा दिखाएगी। यही वह बात है जो आपको इस बड़े सवाल का उत्तर ढूँढ़ने में सहायता करेगी कि, “मैं वास्तव में यहाँ किसलिए हूँ?”

जैसा कि एक पुराना अनुवाद में कहा गया है,

मेरी एकमात्र चाहत यह है कि मैं ख्रीष्ट को जानूँ, उसके पुनरुत्थान की सामर्थ्य को जानूँ, उसके दुःखों में सहभागी बनूँ और उसके समान बन जाऊँ, जिससे कि एक दिन मैं पुनरुत्थान को प्राप्त कर सकूँ। (फिली. 3:10-14)

क्या ही अद्भुत नए वर्ष का संकल्प है। यह एक ही बात मैं करता हूँ: मैं ख्रीष्ट को जानना चाहता हूँ।

 यह लेख मूलतः लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ ब्लॉग में प्रकाशित किया गया।

सिंक्लेयर फर्गसन

सिंक्लेयर फर्गसन

डॉ. सिनक्लेयर बी. फर्ग्यूसन लिगोनीयर मिनिस्ट्रीज के टीचिंग फेलो, लिगोनीयर मिनिस्ट्रीज के उपाध्यक्ष और रिफॉर्म्ड थियोलॉजिकल सेमिनरी में सिस्टेमैटिक थियोलॉजी के चांसलर प्रोफेसर हैं। वह कई लिगोनीयर शिक्षण श्रृंखलाओं के लिए प्रमुख शिक्षक हैं, जिनमें यूनियन विद क्राइस्ट शामिल है। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं, जिनमें "द होल क्राइस्ट," "मैच्योरिटी," और "डिवोटेड टू गॉड्स चर्च" शामिल हैं। डॉ. फर्ग्यूसन पॉडकास्ट "थिंग्स अन्सीन" के होस्ट भी हैं।