28 अगस्त 2025
प्रियजन की मृत्यु से अधिक कुछ भी कष्ट नहीं देता। हम उन लोगों से, जिन्हें हम प्रिय मानते हैं, अलगाव का अनुभव करने के लिए सृजित या बनाए नहीं किए गए थे। मृत्यु पाप का परिणाम है और मूल सृष्टि-व्यवस्था का भाग नहीं है (रोमियों 5:12)—इसलिए इसमें आश्चर्य नहीं कि जब हम किसी प्रिय को खोते हैं, तो यह इतना दुःख देता है।