वर्म्स की सभा की ओर
परमेश्वर की प्रजा के बीच सताव आदि काल से होता आया है जिसका सबसे उल्लेखनीय उदाहरण हाबिल की उसके भाई कैन के हाथों हत्या है। यह दुःख न तो अनायास आता है और न ही बिना उद्देश्य के। पुरुष और स्त्रियाँ परमेश्वर की सर्वोच्च प्रभुता के अधीन उसकी महिमा के लिए दृढ़ता से खड़े रहते हैं।
मार्टिन लूथर ने अपने मठवासी जीवन में कई बार इस प्रकार की परीक्षाओं का सामना किया परन्तु यह सब वर्म्स की सभा में चरम सीमा तक पहुँच गया। विरोध के सामने उनका उत्तर और विश्वास परमेश्वर के इस सत्य को प्रकट करता है कि वह हमें कभी ऐसा कार्य नहीं देगा, जो हमारी सामर्थ्य से बाहर हो।