परमेश्वर के राज्य का स्थान
14 नवम्बर 2023
इस संसार के नहीं
21 नवम्बर 2023
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तुम्हारे मध्य

यीशु ने अपनी सार्वजनिक सेवकाई के आरम्भ ही से “राज्य के सुसमाचार” का प्रचार किया (लूका 4:43)। यह बात कि “राज्य का सुसमाचार” अति आवश्यक है, इस तथ्य से देखा जा सकता है कि “परमेश्वर का राज्य” वाक्यांश केवल लूका के सुसमाचार में इकतीस बार पाया जाता है। परन्तु यह “राज्य का सुसमाचार” क्या है? राज्य का सुसमाचार यह शुभ सन्देश है कि ख्रीष्ट प्रत्येक राष्ट्र, गोत्र, और भाषा के लोगों को छुड़ा रहा है (परमेश्वर की वाचा की प्रतिज्ञाओं की पूर्ति करते हुए) और वह अपने राज्य को उस दिन तक आगे बढ़ा रहा है जब हर एक घुटना झुकेगा और हर एक जीभ उसे प्रभु के रूप में अंगीकार करेगी (फिलिप्पियों 2)।
फरीसियों ने पूछा, “राज्य कब आएगा?” उत्तर में यीशु ने राज्य के वर्तमान स्वभाव पर बल दिया: और कहा कि राज्य स्थापित हो चुका है। लोग पहले से ही “उस में बलपूर्वक प्रवेश कर रहे हैं” (लूका 16:16)।
निस्सन्देह राज्य उनके मध्य में है, क्योंकि राजा स्वयं उनसे बातें कर रहा है। यीशु उनसे कहा रहा था, “तुम अन्धे हो; क्या तुम नहीं देख सकते?” बाद में, क्रूस के मार्ग पर यरूशलेम में उसके विजय प्रवेश के समय यीशु ने राजा के रूप में स्वयं की प्रशंसा को स्वीकार किया (मत्ती 21:15-16)।
जब हम (यीशु के साथ) कहते हैं कि परमेश्वर का राज्य यहाँ है, और अभी है, तो हमारा अर्थ क्या है? बहुत सरल रीति से, हमारा अर्थ है कि विश्वासी अभी ही आंशिक रूप से परमेश्वर के राज्य के भागीदार हैं, परन्तु पूर्णतः राज्य की परिपूर्णता में भागीदार नहीं हैं (कुलुस्सियों 1:13-14)। इसको प्रायः “हो चुका/किन्तु अभी नहीं” के रूप में जाना जाता है।

हमारे पास क्या “हो चुका” है? राज्य किन रीतियों से आ गया है? मसीही लोग आज इन बातों का आनन्द लेते हैं:
ख्रीष्ट का पूरा किया गया कार्य। यीशु ने पापियों के लिए अपना प्रायश्चित्त का कार्य पूरा कर लिया है, और इस सत्य का प्रमाण है ख्रीष्ट का मृतकों में से विजयी पुनरुत्थान।
यीशु अपने सिंहासन पर शक्ति और महिमा में विराजमान है।
पवित्र आत्मा की परिपूर्णता। वह अब मसीहियों में निवास करता है, और उन्हें सभी सत्य में मार्गदर्शन करता और उन्हें पवित्रता की सामर्थ्य देता है।
केवल विश्वास के द्वारा और केवल अनुग्रह द्वारा धर्मीकरण। मसीहियों के विषय में अब यह घोषणा की गई है कि वे केवल ख्रीष्ट में बचाने वाले विश्वास का अभ्यास करने के द्वारा “दोषी नहीं हैं।”
बाइबल का पूरा किया गया ग्रन्थ-संग्रहण (canon)। अब हम किसी और अधिक प्रकाशन की खोज नहीं करते हैं।
ख्रीष्ट की विजय की प्रतिज्ञा (मत्ती 16:18)
आइए अब हम यीशु द्वारा फरीसियों को दिए गए उत्तर पर लौटते हैं (लूका 17:20-21)।
ख्रीष्ट के राज्य को देखना अन्य राज्यों को देखने के जैसा नहीं है। उन प्रकार के राज्यों के साथ, प्रत्येक व्यक्ति इसे देख सकता है और कह सकता है, “वह यहाँ है!” परन्तु उनके मध्य ख्रीष्ट के राज्य को देखना किसी और बात पर निर्भर हो था: ईश्वरीय प्रकाशन पर (लूका 10:21)।
यीशु यह जानता था कि फरीसी उससे अन्त समय के विषय में पूछ रहे थे, परन्तु यदि वे राज्य के उद्घाटन को न पहचान सकें, जबकि वह ठीक उनके मध्य था, उन्हें अन्त [परिपूर्णता] के विषय में बताने से क्या लाभ होता?
फरीसी भविष्य की घटनाओं में बहुत रुचि रखते थे परन्तु वर्तमान को अनदेखा कर रहे थे। विडम्बना की बात थी कि परमेश्वर के राज्य का राजा उनके सामने ही खड़ा था।

यह लेख मूलतः लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ ब्लॉग में प्रकाशित किया गया।

कार्ल डी. रॉबिन्ज़
कार्ल डी. रॉबिन्ज़
डॉ. कार्ल डी. रॉबिन्ज़ साउथ कैरोलायना के सिम्सनविल में वुडरफ रोड प्रेस्बिटेरियन चर्च के वरिष्ट पास्टर हैं।