7 अगस्त 2025
यदि आप मेरी बात नहीं सुनेंगे, तो आप कैसे जान सकते हैं कि मैं कैसा हूँ? यदि आप मुझे बोलने नहीं देंगे, तो आप कभी कैसे समझ पायेंगे कि मैं कौन हूँ”? हम कल्पना कर सकते हैं कि दो लोगों के बीच के सम्बन्ध में ऐसा कुछ कहा जा सकता है। आप को किसी दूसरे मनुष्य को जानने के लिए, बोलने और सुनने की आवश्यक होगी।