जलती हुई झाड़ी
मूसा को जंगल के दृश्य उन दृश्यों से बहुत भिन्न लगते होंगे, जो दृश्य उसे मिस्र के शाही महल से दिखाई देते थे। अपने सम्पूर्ण बाहरी स्वरूप में, मूसा के सामर्थ्य और महत्व के स्थान से गिरकर, केवल मूक पशुओं पर अधिकार रखने के स्तर पर आ जाना, उसका बहुत बड़ा निरादर था। लेकिन फिर भी, मूसा के ये दोनों स्तर परमेश्वर के द्वारा ही निर्धारित किये हुए थे, और इन दोनों का उद्देश्य उसके जीवन में उन योग्यताओं और गुणों को विकसित करना था, जो उसके द्वारा परमेश्वर के लोगों को मिस्र की बंधुवाई से निकालने के लिए आवश्यक थे। अपनी बुद्धिमत्ता में, परमेश्वर ने मूसा को अपने समय की सर्वोत्तम शिक्षा के द्वारा तैयार किया, तथा साथ ही पृथ्वी पर सबसे ढीठ पशुओं की देखभाल के द्वारा नम्रता और धैर्य के पाठ भी सिखाए।