लेख

11 दिसम्बर 2025

तीर्थयात्री प्रजा

परमेश्वर के लोग हमेशा से वे रहे हैं जिन्हें हम “तीर्थयात्री प्रजा” कह सकते हैं। निर्गमन में पुराने वाचा की कलीसिया की व्यवस्था ने प्राचीन इस्राएलियों को “तीर्थयात्री” और “परदेशी” जैसे नाम दिये।
10 दिसम्बर 2025

जीवन के लिये सच्चा पश्चात्ताप

पश्चात्ताप की धारणा पवित्रशास्त्र में व्यापक रूप से विद्यमान है, फिर भी उसे परिभाषित करना कठिन हो सकता है। एक ओर तो पश्चात्ताप वह सर्वथा स्वाभाविक कार्य है जिसे पापी कर सकते हैं; दूसरी ओर, पश्चात्ताप अत्यन्त आत्मिक कार्य भी है।
4 दिसम्बर 2025

भय एवं अनिश्चितता

मृत्यु वह सबसे बड़ी समस्या है जिसका सामना मनुष्य करता है। हम उसके विचारों को अपने मन के दूरस्थ कोणों में दबाने का प्रयत्न कर सकते हैं, किन्तु हम अपनी नश्वरता के बोध को पूर्णतः मिटा नहीं सकते। हमें ज्ञात है कि मृत्यु का छाया हमारी प्रतीक्षा कर रही है।

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11 दिसम्बर 2025

तीर्थयात्री प्रजा

परमेश्वर के लोग हमेशा से वे रहे हैं जिन्हें हम “तीर्थयात्री प्रजा” कह सकते हैं। निर्गमन में पुराने वाचा की कलीसिया की व्यवस्था ने प्राचीन इस्राएलियों को “तीर्थयात्री” और “परदेशी” जैसे नाम दिये।
10 दिसम्बर 2025

जीवन के लिये सच्चा पश्चात्ताप

पश्चात्ताप की धारणा पवित्रशास्त्र में व्यापक रूप से विद्यमान है, फिर भी उसे परिभाषित करना कठिन हो सकता है। एक ओर तो पश्चात्ताप वह सर्वथा स्वाभाविक कार्य है जिसे पापी कर सकते हैं; दूसरी ओर, पश्चात्ताप अत्यन्त आत्मिक कार्य भी है।