लेख

16 जून 2026

कार्यों की वाचा क्या है?

उद्धार हमारे प्रयासों का नहीं, बल्कि यीशु मसीह की पूर्ण आज्ञाकारिता और बलिदान का फल है।
11 जून 2026

यात्रा के (भजनों) गीतों को कैसे पढ़ें

हम इस संसार के स्थायी निवासी नहीं, बल्कि स्वर्गीय नगर की ओर बढ़ते हुए तीर्थयात्री हैं। मार्ग चाहे कठिन हो, परन्तु प्रभु की उपस्थिति, उसकी सामर्थ्य और उसकी प्रतिज्ञाएँ हमें अन्त तक बनाए रखती हैं।
9 जून 2026

सोलहवीं शताब्दी में उद्धारविज्ञान की पुनर्खोज

जब हम अपनी पापमय अवस्था की गंभीरता को समझते हैं, तब हमें और भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि उद्धार केवल हमारे प्रयासों से नहीं, बल्कि यीशु मसीह के अनुग्रह और पूर्ण कार्य से मिलता है। उसी पर विश्वास रखें, क्योंकि वही हमारा धर्मीकरण, पवित्रीकरण और अनन्त आशा है।

लेख

16 जून 2026

कार्यों की वाचा क्या है?

उद्धार हमारे प्रयासों का नहीं, बल्कि यीशु मसीह की पूर्ण आज्ञाकारिता और बलिदान का फल है।
11 जून 2026

यात्रा के (भजनों) गीतों को कैसे पढ़ें

हम इस संसार के स्थायी निवासी नहीं, बल्कि स्वर्गीय नगर की ओर बढ़ते हुए तीर्थयात्री हैं। मार्ग चाहे कठिन हो, परन्तु प्रभु की उपस्थिति, उसकी सामर्थ्य और उसकी प्रतिज्ञाएँ हमें अन्त तक बनाए रखती हैं।