लेख
27 अक्टूबर 2026
द्वारा रॉबर्ट लीथम — 27 अक्टूबर 2026
नीकिया का विश्वास-वचन सिखाता है कि पवित्र आत्मा पूर्णतः परमेश्वर, जीवनदाता और आराधना के योग्य है। यह त्रिएकता की एकता, पिता-पुत्र से उसके सम्बन्ध और मसीह-केंद्रित सुसमाचार में कलीसिया की ऐतिहासिक आस्था स्पष्ट करता है।
22 अक्टूबर 2026
द्वारा किम रिडलबर्गर — 22 अक्टूबर 2026
विश्वासी की मृत्यु के बाद आत्मा तुरन्त प्रभु की उपस्थिति में जाती है, जहाँ वह परमेश्वर की आराधना और स्तुति करती हुई शरीर के पुनरुत्थान की प्रतीक्षा करती है। इसलिए मृत्यु का सामना ख्रीष्ट की सामर्थ्य और अनन्त जीवन की आशा के भरोसे के साथ किया जा सकता है।
20 अक्टूबर 2026
द्वारा कैरी हैन — 20 अक्टूबर 2026
मनुष्य का मुख्य उद्देश्य परमेश्वर की महिमा करना और उसमें आनन्दित रहना है। बाइबल सिखाती है कि जीवन की सच्ची सार्थकता सृष्टिकर्ता को जानने, उसकी आज्ञाओं का पालन करने और दैनिक कार्यों में भी उसके साथ संगति रखने में मिलती है।
लेख
27 अक्टूबर 2026
द्वारा रॉबर्ट लीथम — 27 अक्टूबर 2026
नीकिया का विश्वास-वचन सिखाता है कि पवित्र आत्मा पूर्णतः परमेश्वर, जीवनदाता और आराधना के योग्य है। यह त्रिएकता की एकता, पिता-पुत्र से उसके सम्बन्ध और मसीह-केंद्रित सुसमाचार में कलीसिया की ऐतिहासिक आस्था स्पष्ट करता है।
22 अक्टूबर 2026
द्वारा किम रिडलबर्गर — 22 अक्टूबर 2026
विश्वासी की मृत्यु के बाद आत्मा तुरन्त प्रभु की उपस्थिति में जाती है, जहाँ वह परमेश्वर की आराधना और स्तुति करती हुई शरीर के पुनरुत्थान की प्रतीक्षा करती है। इसलिए मृत्यु का सामना ख्रीष्ट की सामर्थ्य और अनन्त जीवन की आशा के भरोसे के साथ किया जा सकता है।




