धन्य हैं वे जो शोक करते हैं | लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़
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धन्य हैं वे जो शोक करते हैं

सम्पादक की टिप्पणी: यह टेबलटॉक पत्रिका श्रंखला का तीसरा अध्याय है: धन्यवाणियाँ

ये बहुमूल्य शब्द यीशु की दूसरी धन्य वाणी—“धन्य हैं वे जो शोक करते हैं,  क्योंकि वे सान्त्वना पाएंगे” (मत्ती 5:4) —यशायाह  61 के सन्दर्भ में कहे गए हैं। नबी एक ऐसे युग की सोच रखता है जहाँ परमेश्वर का कष्ट भोगी सेवक परमेश्वर के बंधुवाई में पड़े लोगों के लिए सान्त्वना ले कर के आएगा: “प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है, क्योंकि यहोवा ने मेरा अभिषेक किया है . . . सब शोकितों को शान्ति दूँ” (यशायाह 61:1-2; 40:1 भी देखें)।

सात शताब्दी पश्चात्, यशायाह की प्रतिज्ञा सत्य में स्पष्ट हुई जब नासरत के एक दैनिक कार्य करने वाले मजदूर ने पुस्तक को खोला और अपनी सार्वजनिक सेवकाई का आरम्भ किया (लूका 4:14-21)।

पहली धन्य वाणी में, यीशु आशीषित करता है “मन के दीन” को (मत्ती 5:3) — जो अपने नैतिक दिवालियेपन को मान लेते हैं। वह फिर आगे विस्तार से बताता है, क्योंकि नैतिक दिवालियेपन को स्वीकार करना सम्भव है (पद 3) बिना उस पर शोक किए (पद 4)।

अन्तर्ज्ञान-विरोधी और संस्कृति-विरोधी
मानवीय स्थिति को देखते हुए, यीशु द्वारा उन लोगों को सान्त्वना देने की प्रतिज्ञा जो पाप का शोक करते हैं कदाचित ही अधिक अन्तर्ज्ञान-विरोधी हो सकता है। हमारे युग की आत्मा को देखते हुए, यह कदाचित ही अधिक संस्कृति-विरोधी हो सकता है।

आधुनिक पश्चिम के अन्त में पाप पर शोक नहीं किया जाता। यह अस्वीकृत नहीं है। इसे मात्र सहन नहीं किया जाता है। यह मनाया जाता है। हमारा समाज पाप पर शोक नहीं करता; यह उन पर शोक करता है जो पाप पर शोक करते हैं।

फिर भी हम ऐसी प्रवृत्तियों के अधीन हो सकते हैं, है न? नि:सन्देह एक कारण है कि हम पाप पर शोक करने में विफल हो जाते हैं कि क्योंकि हम इसे कम आंकते हैं। हम मान लेते हैं कि यह एक बड़े स्तर के यातायात चालान से थोड़ा ही अधिक है। परन्तु पाप नगण्य नहीं है; यह राज-विद्रोह है, स्वर्ग के सिंहासन के विरुद्ध विद्रोह। हमने कभी भी छोटा पाप नहीं किया क्योंकि हमने कभी भी छोटे परमेश्वर का अपमान नहीं किया।

 जिस स्तर तक हम अपने पाप पर शोक करते हैं—व्यक्तिगत रूप से (भजन 51:1-4; लूका18:13;  1 यूहन्ना 1:9) और सामूहिक रूप से (एज्रा 9:4, भजन 119:136; याकूब 5:16)—हम अपने लिए स्वर्ग की सान्त्वना को प्राप्त करते हैं। जिस स्तर तक हम नहीं करते, हम अपने लिए इसे गंवा देते हैं।

गहराई में गोता लगाना
कल्पना करें चार जुलाई को आप एक मित्र के सन्देश के साथ जागते हैं: “आतिशबाज़ी के लिए सुबह 11 बजे मुझ से मिलो” आप सोचेंगे कि सम्भवतः लेखन में त्रुटि हुई है। क्यों? क्योंकि दोपहर के आकाश में आतिशबाज़ी प्रभावशाली नहीं लगती है। आकाश जितना गहरा होगा, वास्तव में, प्रकाशन उतना ही शोभायमान होगा। उसी प्रकार से, अनुग्रह की चमक को पाप के कालेपन के समक्ष स्थापित करना चाहिए। जैसा कि प्यूरिटन थॉमस वॉटसन ने कहा, “जब तक पाप की कड़वाहट बनी रहेगी, ख्रीष्ट मीठा नहीं लगेगा।”

संसार के लिए, पाप पर शोक करना पीछे खींचने और संकुचित करने वाला है; मसीहियों के लिए, यह आनन्द का मार्ग है। तात्पर्य की कल्पना करें। यदि मत्ती 5:4 सत्य है—यदि यीशु वास्तव में पश्चाताप में सान्त्वना के साथ मिलता है, न कि दोष के—तब आपको उजागर होने से डरने की आवश्यकता नहीं है। आपको अपने छुटकारा पाए साथी पापियों के सामने स्वयं का बनावटी रूप प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। आपको अपने हृदय का अध्ययन करने और बीमारी की गहराई तक जाने से डरने की आवश्यकता नहीं है। यदि पाप की खोज होना आपको तालाब के गहरे छोर तक ले जाती है, दया की खोज आपको मारियाना ट्रेंच तक ले कर जायेगी। और गोते के तल में आपकी प्रतिक्षा कर रहा है एक ब्लैक होल नहीं परन्तु एक ठोस चट्टान।

क्षतिग्रस्त उद्धारकर्ता
अन्तिम विश्लेषण में, पहाड़ी उपदेश इसके वक्ता से अलग नहीं किया जा सकता। यीशु ने अपने देहधारण के समय कई प्रार्थनाएँ कीं, परन्तु एक बार भी उसने पाप-अंगीकार की प्रार्थना नहीं की। उसे करने की आवश्यकता नहीं थी। उसने कई पापों पर शोक किया, परन्तु एक बार भी उसने स्वयं के पाप पर नहीं किया। उसके कोई थे ही नहीं।

अन्तत:, हमारी सान्त्वना इस सत्य में ठहरी है कि यीशु मात्र पाप पर शोक नहीं करता; वह उस पर विजय पा लेता है। वह हमें इस नैतिक दर्शन में आमंत्रित करता है— इस उलटे-पुलटे साम्राज्य में—और फिर हमारे स्थान पर मरता है ताकि हम इसमें प्रवेश कर सकें ।

परमेश्वर हमारे हृदयों को हमारे नैतिक दिवालियेपन पर शोक करने के लिए कोमल करे ताकि हम उसकी सान्त्वनादायक अनुग्रह पर आश्चर्य कर सकें ।

यह लेख मूलतः टेबलटॉक पत्रिका में प्रकाशित किया गया।
मैट स्मेथर्स्ट
मैट स्मेथर्स्ट
मैट स्मेथर्स्ट (@MattSmethurst) लूईविल, केन्टकी के थर्ड ऐवेन्यू बैप्टिस्ट चर्च में एक प्राचीन हैं। वे क्रॉसवे के बाइबल को जानना श्रृंखला (Knowing the Bible Series) के 1-2 थिस्सलुनीकियों और अपनी बाइबल को खोलने से पहले (Before You Open Your Bible) के लेखक हैं।