पवित्रशास्त्र की उचित व्याख्या - लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़
लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़ का इतिहास
19 मई 2022
यशायाह 43:25
26 मई 2022

पवित्रशास्त्र की उचित व्याख्या

सम्पादक की टिप्पणी: यह टेबलटॉक पत्रिका श्रंखला का पहला अध्याय है: उस पद का अर्थ वास्तव में क्या है?

समय समय पर, मुझसे पूछा जाता है कि, “यदि आप स्वयं को निर्जन द्वीप पर पाते हैं, और आपके पास केवल थोड़ी पुस्तकें हो सकती हैं, तो आप कौन सी पुस्तकें चाहेंगे?” मैं प्रायः उसी प्रकार से प्रत्युत्तर देता हूँ जैसा की डॉ. आर. सी. स्प्रोल प्रत्युत्तर दिया करते थे, यह कहकर कि मुझे नाव कैसे बनायी जाती है इस पर एक पुस्तक और एक पुस्तक निर्जन द्वीप पर आहार योग्य वन्यजीव पर चाहिए। मेरा अगला प्रत्युत्तर प्रायः लोगों को चकित कर देता है। मैं उन्हें बताता हूँ कि मुझे बाइबल के टिप्पणियाँ चाहिए। यदि मैं वास्तव में निर्जन द्वीप पर होता, तो जो मुझे सबसे अधिक सान्त्वना और प्रोत्साहन देता, जो मेरे समय को सबसे अधिक व्यस्त रखता, और जो मुझे परमेश्वर से प्रेम करने और उसे महिमा देने और उसकी सम्प्रभु इच्छा पर भरोसा करने में सबसे अधिक सहायता करेगा वह उसके पवित्र वचन का गहन अध्ययन होगा। पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से, परमेश्वर हमसे पवित्रशास्त्र के माध्यम से बात करता है, और यदि मसीही चाहते हैं कि परमेश्वर उनसे बात करे, तो उन्हें केवल बाइबल पढ़ने की आवश्यकता है। मार्टिन लूथर ने कहा है, “बाइबल जीवित है, यह मुझसे बात करती है; इसके पाँव हैं, यह मेरे पीछे आती है; इसके हाथ हैं, यह मुझे थामती है।” विश्वास और जीवन के लिए केवल बाइबल ही हमारा अचूक नियम है। टिप्पणियाँ इस प्रकार से अनोखी हैं कि वे हमारी यह समझने और व्याख्यान करने में सहायता करती हैं जो बाइबल वास्तव में कहती है, न कि जो हम उससे चाहते हैं कि वह कहे। उतने ही महत्वपूर्ण रूप में, वह हमारी यह जानने में सहायता करती हैं जो बाइबल नहीं कहती है। संयुक्त राज्य के अधिकांश पास्टरों के समान, मेरे पास अनगिनत पुस्तकें हैं, और मेरी कई पुस्तकें मेरे कलीसिया कार्यालय में मेरे अध्ययन की अलमारियों में पंक्तिबद्ध हैं। मेरी टिप्पणियाँ—मेरी सबसे बहमूल्य साथी—मेरे घर के अध्ययन की आलमारियों में पंक्तिबद्ध हैं। संयोगवश, मेरा मानना है कि कलीसिया और संसार भर के उसके चरवाहों की सबसे महान आवश्यकता—विशेषकर अफ्रीका और लैटिन अमरीका में—भरोसेमन्द, रिफॉर्म्ड (Reformed-धर्मसुधारवादी) अध्ययन बाइबल और टिप्पणियाँ हैं।   

मैं टिप्पणियों का केवल उपयोग नहीं करता हूँ, न ही मैं टिप्पणियों को केवल पढ़ता हूँ, मैं उन्हें रुचि लेकर उत्साह के साथ पढ़ता हूँ और उनमें डूब जाता हूँ, केवल अपने लिए नहीं परन्तु अपनी पत्नी और हमारे बच्चों के लिए, और साथ ही साथ ख्रीष्ट की दुल्हन के लिए भी। बाइबल एक पवित्र पुस्तक है, और यह एकमात्र सच्ची पवित्र पुस्तक है क्योंकि केवल यह ही एक ऐसी पुस्तक है जो कि एक सच्चे परमेश्वर के द्वारा प्रेरित है, और इसकी व्याख्या उस अनोखी पुस्तक के प्रकाश में की जानी चाहिए जो कि यह है। पूरे इतिहास में, कई लोगों ने बाइबल के अनोखेपन को ध्यान में रखे बिना इसे पढ़ा और इसका व्याख्यान किया, और उसके परिणाम स्पष्ट रूप से विनाशकारी हैं। परमेश्वर के वचन को उचित रूप से काम में लेने के लिए, हमें आवश्यकता है कि हम परमेश्वर के वचन की उचित व्याख्या करना सीखें, और परमेश्वर के वचन की उचित व्याख्या करने के लिए, हमें टिप्पणियों और पवित्रशास्त्र की व्याख्या के विषय में भरोसेमन्द पुस्तकों का उपयोग करते हुए प्रत्येक पद को पूरे पवित्रशास्त्र के प्रकाश में अध्ययन करने की आवश्यकता है ताकि हम स्वयं की पूर्वधारणाओं और उत्साह के अनुसार पवित्रशास्त्र के तोड़े-मरोड़े  विचारों पर नहीं परन्तु परमेश्वर की सम्पूर्ण सम्मति के अनुसार विश्वास करने और शिक्षा लेने में न लगे रहें।

यह लेख मूलतः टेबलटॉक पत्रिका में प्रकाशित किया गया
बर्क पार्सन्स
बर्क पार्सन्स
डॉ. बर्क पार्सन्स टेबलटॉक पत्रिका के सम्पादक हैं और सैनफोर्ड फ्ला. में सेंट ऐंड्रूज़ चैपल के वरिष्ठ पास्टर के रूप में सेवा करते हैं। वेअश्योर्ड बाइ गॉड : लिविंग इन द फुलनेस ऑफ गॉड्स ग्रेस के सम्पादक हैं। वे ट्विटर पर हैं @BurkParsons.