बर्क पार्सन्स, Author at लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़

लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
28 अप्रैल 2022

परमेश्वर को जानने में लोगों की सहायता करना

वर्ष 1971 में, परमेश्वर ने आर.सी. और वेस्टा स्प्रोल का उपयोग लिग्निएर वैली स्टडी सेन्टर की स्थापना करने के लिए
31 मार्च 2022

ख्रीष्ट में

रेपेटीशियो माटेर स्टूडियोरुम एस्ट, अर्थात् “दोहराव सभी अध्ययन की जननी है”। प्रेरित पौलुस ने इसे समझ लिया। पवित्र आत्मा की प्रेरणा और अधीक्षण के अन्तर्गत, पौलुस ने निरन्तर बाइबलीय सिद्धान्त के आधारभूत सत्यों को दोहराया, और ऐसा उसने केवल अपनी पत्री में ही नहीं परन्तु कभी-कभी एक ही वाक्य में भी।
4 मार्च 2022

हमारे लिए यीशु की प्रार्थना

ख्रीष्ट में मेरे हृदय परिवर्तन के पश्चात्, मेरे कुछ पास्टरों और परामर्शदाताओं ने मुझे परमेश्वर के वचन से एक “जीवन का पद” ढूँढने के लिए प्रोत्साहित किया जो जीवन में मेरी कायलता और परमेश्वर के प्रति उस्ताह का प्रतिनिधित्व करता हो।
8 फ़रवरी 2022

परमेश्वर के प्रावधान में

मैंने पिछले कुछ वर्षों में अनेक मसीहियों से बात की जिन्होंने मुझे बताया कि जब वे अन्ततः उद्धार में परमेश्वर की सम्प्रभुता को समझ पाए, तो उन्हें यह आभास हुआ कि जैसे कि वे दूसरी बार ख्रीष्ट में परिवर्तित हो गए हैं।
4 जनवरी 2022

चिन्ता के लिए विष-नाशक

नए नियम में, जिस यूनानी शब्द का अनुवाद “चिन्ता” किया गया है एक रुचिकर शब्द है। इसका अर्थ किसी का अलग किया जाना, विपरीत दिशा में खींचा जाना, या हिस्सों में विभाजित किया जाना है।
23 नवम्बर 2021

दक्ष कहानीकार

मुझे अच्छी कहानी पसन्द है। हालाँकि, मैंने पाया है कि अधिकाँश कहानियाँ, विशेषतः हाल की, उतनी अच्छी नहीं हैं। वास्तव में अच्छी कहानियाँ प्रायः बहुत पुरानी होती हैं। वे समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं।
19 अक्टूबर 2021

दक्ष कहानीकार

हम ज्ञान के खोने और पुन: प्राप्त करने के सम्बन्ध में सृष्टि, पतन, और पुनर्स्थापना के बाइबलीय वर्णन पर टिप्पणी करते हुए “सत्य को जानने” के विषय पर विचार करेंगे, यह ध्यान देते हुए कि रोमियों को लिखी गई अपनी पत्री के आरम्भिक अध्यायों में पौलुस मानव जाति की दुर्दशा के बारे में किस प्रकार लिखता है।
5 अक्टूबर 2021

सत्य को परखना

इन दिनों में सत्य को पाना कठिन है। यदि स्थिति नहीं बदलती हैं, तो हमारे पोते-पोतियों के लिए यह और भी कठिन होगा। अब भी, बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि सत्य को कहाँ खोजा जाए, और आगे बढ़ते हुए, वे यह भी नहीं जानते कि इसे कैसे खोजा जाए, यह विश्वास करते हुए कि यह उनके प्रिय प्रसिद्ध लोगों के ट्वीट्स में, गूगल में खोज करने से या विकिपीडिया के पृष्ठ पर पाया जा सकता है।
28 सितम्बर 2021

विश्वासयोग्य सेवक

हम आधुनिक इतिहास के एक नए युग में प्रवेश कर चुकें हैं। यह युग नेतृत्व के एक बड़े रिक्त स्थान द्वारा चिह्नित है, परन्तु नेतृत्व के विचार के प्रति घृणास्पद भाव द्वारा भी।