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अच्छे चरवाहे का दृष्टान्त

सम्पादक की टिप्पणी: यह टेबलटॉक पत्रिका श्रंखला का बारहवां अध्याय है: यीशु के दृष्टान्त

दृढ़-जड़ पकड़ रूपक (परमेश्वर हमारी चट्टान है, प्रेम एक यात्रा है, इत्यादि) सत्यों को पकड़ने में हमारी सहायता करते हैं, जो अन्यथा हमारी मानसिक उंगलियों से फिसल सकते हैं। यूहन्ना 10 एक प्रमुख उदाहरण है। चरवाहे, भेड़े, भेड़ के बाड़े का द्वार, और सम्भावय चोर का जटिल “शब्द चित्र” (पद 6; कुछ अनुवादों में “दृष्टान्त”) यीशु की पहचान के केन्द्र में पहुँचाता है—और इसके भी के हमें कैसे केवल उसकी आवाज़ के पीछे चलने के लिए बुलाया गया है। किसी अच्छे रूपक के समान—यह कई सन्दर्भों के बाहरी ओर तरंगित होती है। आइए उनको देखें।

अपने दर्शकों के लिए परिचित चरवाही के विवरण का उपयोग करते हुए, यीशु एक ऐसे भेड़शाला की कल्पना करता है जिसमें द्वारपाल द्वार पर खड़ा है यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल वास्तविक चरवाहे अपनी निर्बल भेड़ों के साथ अन्दर और बाहर जाएं। कोई भी जो द्वार से हो कर नहीं जाता है वह सम्भावय चोर होगा। यह छवि स्मरण दिलाती है कि कैसे यीशु लोगों को “भेड़ों के समान जिनका कोई रखवाला न हो” (मर. 6:34) के रूप में और स्वयं को वह एक जिसे खोयी भेड़ों को इकठ्ठा करने (मत्ती 18:12; लूका 15:3-7) के रूप में वर्णित करता है। जैसा कि वह प्रेम सहित अपनी भेड़ों की देखभाल करता है, यह उसकी “आवाज़” है जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है (यूहन्ना 10:4)। प्राचीन इस्राएल में, चरवाहे अपनी भेड़ों के आगे चलते थे और उनकी अगुवाई करते थे (पीछे चलाने के स्थान पर) पूर्ण रूप से आवाज़ की पहचान के द्वारा। यूहन्ना के सुसमाचार में इस चरण पर, यीशु यह प्रमाणित करने का प्रयास कर रहा है कि वह “अपने लोगों” का सच्चा अगुवा है (पद 3), न कि भ्रष्ट धार्मिक अधिकारी जो उन्हें नष्ट करना चाहते हैं दृष्टान्त में सम्भावय चोरों के समान।

परन्तु चरवाही/भेड़ के चित्रण का चयन पवित्रशास्त्र की ओर पीछे तरंगित होता है, जहाँ परमेश्वर के लोगों को निरन्तर भेड़ों के झुंड के रूप में वर्णित किया गया है (1 राजा 22:17; भजन 44) और इस्राएल के राजा, विशेषकर दाऊद को, उनके चरवाहे के रूप में (भजन 78)। पर जब इनके अगुवे दिवालिए प्रमाणित होते हैं, नबी बेकार और चुराने वाले चरवाहों (यशायाह 56:9–12; यिर्मयाह 23:1–4; ज़कर्याह 11:4–17) के रूप में इनकी निन्दा करते हैं। भेड़-भक्षण करने वाले चरवाहों की गड़बड़ी से दूर, परमेश्वर एक सच्चे चरवाहे, एक नए दाऊद को भेजने की प्रतिज्ञा करता है, जो सर्वदा के लिए लोगों की देखभाल करेगा: “फिर मैं उन पर एक चरवाहे अर्थात् अपने दास दाऊद को नियुक्त करूँगा . . . . . वह स्वयं उन्हें चराएगा और उनका चरवाहा होगा” (यहेजकेल 34:23)। स्वयं को “अच्छा चरवाहा” घोषित करने के द्वारा (यूहन्ना10:11), यीशु यह स्पष्ट कर देता है कि वह प्रतिज्ञा किया हुआ मसीहाई चरवाहा है। और वह किसी सांसारिक चरवाहे से कहीं अधिक होगा: जबकि किराए के मज़दूर समस्या के समय भाग जाएंगे (पद 12), यीशु अपना प्राण देकर अपनी भेड़ों को जीवन देगा (पद 11)।

फिर भी, चित्रण की तरंगे और भी पीछे जाती हैं। सम्पूर्ण पुराने नियम में, स्वयं परमेश्वर को सच्चे चरवाहे के रूप में वर्णित किया गया है (उत्पत्ति 49:24; भजन 23; 95:7‌)। इसके अतिरिक्त, परमेश्वर प्रतिज्ञा करता है कि भविष्य में वह स्वयं “अपनी भेड़ों की खोज करेगा और उन्हे ढूंढ़ निकालेगा” (यहेजकेल 34:11)। अन्य शब्दों में, परमेश्वर और दाऊद के वंश का मसीहा दोनों झुण्ड के आनेवाले चरवाहे हैं। यह कोई वास्तविक आश्चर्य नहीं है कि यीशु प्रभावों को समझाता है; न केवल उसने अपने दृष्टान्त में चरवाहे की मसीहाई भूमिका को पूरा किया, परन्तु वह घोषणा करता है, “मैं और पिता एक हैं” (यूहन्ना10:30)। एक अद्भुत फिर भी रहस्यमयी रीति से, यीशु, पिता के ईश्वरीय पुत्र के रूप में, प्रतिज्ञा को पूरा करता है कि “एक” चरवाहा—एक त्रिएक “एक”—झुंड की रखवाली करेगा।

इस सुन्दर शब्द चित्र के माध्यम से, यीशु यह प्रगट करते है कि केवल वह ही उद्धार का द्वार है और वह अच्छा चरवाहा है, देहधारी परमेश्वर के रूप में, जो अपने झुण्ड की रखवाली उनके छुटकारे के लिए प्राण देने के द्वारा करता है। वह अपनों को जानता है। वे उनसे प्रेम करता है। और जो वास्तव में उसके हैं—पिता द्वारा उसे दिए गये हैं—उसकी आवाज़ को जानते और उसके झुण्ड में सुरक्षा पाते हैं। हालाँकि हम, “भेड़ों की भांति भटक रहे थे” हम “[अपनी] आत्मा के चरवाहे. . .  के पास लौट आए हो” (1 पतरस 2:25)। परन्तु यह महिमावान सत्य वहीं रुक नहीं जाता। “भेड़ों का महान रखवाले” (इब्रानियों13:20) यीशु ने अभी अपने झुण्ड की रखवाली और रक्षा करने के लिए उप-चरवाहों को नियुक्त किया है (1 पतरस 5:2)। ये चरवाहे-पास्टर झूठे शिक्षकों को चोरी करने से रोकते हैं (प्रेरितो के काम 20:29)। वे भेड़ों की आत्मिक आवश्कताओं का ध्यान रखते हुए उन्हें खिलाते हैं (यूहन्ना 21:16-17)। और वे भेड़ों को यीशु की “आवाज़” पहचानने और उसके पीछे चलने में सहायता करने के लिए परिश्रम करते हैं, जो कि सुनायी देती है परमेश्वर द्वारा रचित वचन—बाइबल में।

तो हमें यूहन्ना 10 के प्रति कैसे प्रतिउत्तर देना चाहिए? उनके लिए जो भेड़े हैं: आइए अच्छी भेड़ होने के लिए परिश्रम करें, उस एक चरवाहे की आवाज़ के पीछे चलते हुए। उनके लिए जो उप-चरवाहे हैं: आइए अपने झुण्ड को चाराई को ढूंढने के लिए सच्चे “द्वार” के माध्यम से अगुवाई करें और आइए उनकी रखवाली करें किराए के मज़दूरों के समान नहीं जो स्वार्थी लाभ ढूंढते हैं, परन्तु उनके समान जो अच्छे चरवाहे के पदचिह्नों पर चलते हैं।

यह लेख मूलतः टेबलटॉक पत्रिका में प्रकाशित किया गया।
ग्रेग लैनिएर
ग्रेग लैनिएर
डॉ. ग्रेग लैनिएर ऑर्लैण्डो, फ्लॉरिडा में रिफॉर्म्ड थियोलॉजिकल सेमिनरी में नए नियम के सहायक प्राध्यापक हैं, और लेक मेरी, फ्लॉरिडा में रिवर ओक्स चर्च में सहायक पास्टर हैं। वे कई पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें हमें बाइबल कैसे प्राप्त हुए (How We Got the Bible) सम्मिलित है।