त्रुटिपूर्वक समझे गए सिद्धान्त | लिग्निएर श्रंखला

 

त्रुटिपूर्वक समझे गए सिद्धान्तद

टेबलटॉक अप्रैल 2020 का प्रकाशन अनेक समान्य रीति से त्रुटिपूर्वक समझे जाने वाले सिद्धान्तों की जाँच करेगा। अनेक लोगों ने कहा है कि मसीहियत शास्त्रसम्मतता का धर्म है, कि हमारा विश्वास उन बातों से अधिक जिन्हें हम करते हैं उन बातों पर केन्द्रित है जो हम विश्वास करते हैं। इस प्रकार, सैद्धान्तिक चर्चा और शिक्षा ने मसीही कलीसिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शताब्दियों से, विश्वासियों ने स्वयं को पवित्रशास्त्र के अध्ययन और सिद्धान्त के सूत्रीकरण के लिए समर्पित किया है मसीहियों को परमेश्वर के चरित्र और उद्धार की प्रकृति को ठीक रीति से समझने में सहायता करने के लिए। कई कलीसियाओं, पास्टरों, और ईश्वरवैज्ञानियों के अच्छे प्रयासों के बाद भी, कई मसीही सिद्धान्त—विशेषकर ऐसे सिद्धान्त जिन्हें धर्मसुधारवादी परम्परा में प्रमुख माना जाता है—अभी भी विश्वासियों के द्वारा त्रुटिपूर्वक समझे जाते और त्रुटिपूर्वक लागू किए जाते हैं।

टेबलटॉक का यह प्रकाशन इस समस्या का समाधान करने का प्रयास करेगा कई त्रुटिपूर्वक समझे जाने सिद्धान्तों को देखने के द्वारा, उन्हें उचित रीति से परिभाषित करने के द्वारा, और उनके उचित लागूकरण को समझाने के द्वारा।
 

 
19 अक्टूबर 2021

दक्ष कहानीकार

हम ज्ञान के खोने और पुन: प्राप्त करने के सम्बन्ध में सृष्टि, पतन, और पुनर्स्थापना के बाइबलीय वर्णन पर टिप्पणी करते हुए “सत्य को जानने” के विषय पर विचार करेंगे, यह ध्यान देते हुए कि रोमियों को लिखी गई अपनी पत्री के आरम्भिक अध्यायों में पौलुस मानव जाति की दुर्दशा के बारे में किस प्रकार लिखता है।
21 अक्टूबर 2021

सोला स्क्रिप्टुरा

1546 में, ट्रेन्ट के महासभा ने, जो एक रोमन कैथोलिक समिति थी जो मार्टिन लूथर की मृत्यु के कुछ ही समय बाद इकट्ठी हुई, पवित्रशास्त्र के सम्बन्ध में दो आदेश वितरित किए। पहले आदेश ने उन लोगों को शापित किया जिन्होंने पवित्रशास्त्र को स्वीकार नहीं किया।
26 अक्टूबर 2021

सीमित प्रायश्चित

जे.सी. राइल ने एक बार टिप्पणी की कि “सटीक परिभाषाओं का अभाव ही धार्मिक मतभेद का वास्तविक जीवन है।” यह विशेष रूप से तब होता है जब सीमित प्रायश्चित के सिद्धान्त की बात आती है।
2 नवम्बर 2021

पूर्व निर्धारण और मानवीय कार्य

ईडिपस की कथा को प्राय: यूनानी भाग्यवाद का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। अपने पितृत्व एवं मातृत्व के विषय में सन्देह से व्याकुल, कथा का नायक एक भविष्यवक्ता की परामर्श लेता है जो घोषणा करता है कि उसे अपने पिता की हत्या करने और अपनी माता से विवाह करने के लिए पूर्वनिर्धारित है।
4 नवम्बर 2021

शिशु- बपतिस्मावाद

एक प्रेस्बिटेरियन सेवक के रूप में, मुझ से प्रायः पूछा जाता है कि मैं शिशुओं को बपतिस्मा देने में क्यों विश्वास करता हूँ। मुझे जिस संख्या में प्रश्न मिलते हैं, वह मुझे बताता है कि इस सिद्धान्त के विषय में बहुत बड़ी भ्रान्ति है।
9 नवम्बर 2021

सेवात्मक और घोषणात्मक अधिकार

कलीसियाई इतिहास का एक संक्षिप्त सर्वेक्षण प्रकट करता है कि कलीसिया के सामर्थ्य के दुरुपयोग की तुलना में केवल एक बात अधिक प्रचलित है, जो कि इसके उचित प्रशासन के प्रति आधीन होने के लिए परमेश्वर के लोगों की अनिच्छा है।
11 नवम्बर 2021

कलीसियाई सदस्यता

आप ऐसे माता और पिता के विषय में क्या सोचेंगे, जो अपने नवजात बच्चे के संसार में जन्म के पश्चात, उसे स्वयं की देखभाल करने के लिए छोड़ देते हैं? यह बच्चे के लिए विनाशकारी होगा, और माता-पिता बाल शोषण के दोषी होंगे।
16 नवम्बर 2021

मध्यवर्ती अवस्था

सेवक प्राय: मृत्यु और उसके साथ आने वाले अनिवार्य प्रश्नों से निपटते हैं। मृत्यु की वास्तविक प्रकृति ही कठिन प्रश्न उठाती है। परिवार के किसी सदस्य या उनके किसी परिचित की मृत्यु के बाद बच्चों को सान्त्वना के अच्छे कामना के शब्दों का दिया जाना असामान्य नहीं है।
18 नवम्बर 2021

समाप्तिवाद

“वे उस रीति से आराधना करते हैं क्योंकि उनके पास पवित्र आत्मा नहीं है।” वर्षों पहले जब मैं एक पेंटोकॉस्टल/करिश्माई मसीही था मैं प्रायः इस कथन को सुनता था, जब भी हम पेंटोकॉस्टल लोग अ-पेंटोकॉस्टल  विश्वासियों के विषय में बात करते थे, विशेष रूप से उन के विषय में जो औपचारिक आराधना-प्रार्थना रीति का पालन करते थे।