यीशु के दृष्टान्त | लिग्निएर श्रंखला

 

यीशु के दृष्टान्त

टेबलटॉक का फरवरी 2020 प्रकाशन पाठकों को यीशु के दृष्टान्तों का अध्ययन प्रदान करेगा। सम्भवतः यीशु की शिक्षण सेवकाई का कोई अन्य पहलू उसके द्वारा दृष्टान्तों से अधिक चिर-परिचित नहीं है। वास्तव में, उसकी सेवा में दृष्टान्त इतने केन्द्रीय थे कि मत्ती 13:34 हमें बताता है कि यीशु “दृष्टान्त के बिना [अपने श्रोताओं] से कुछ नहीं कहता था।” इनमें से कई दृष्टान्त इतने प्रसिद्ध हैं कि उनके शीर्षक सामान्य वार्तालाप में अन्य बातों के लिए उपयोग किए जाते हैं (उदाहरण के लिए, “अच्छा सामरी” एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो दूसरों की सहायता करता है)। अन्य दृष्टान्त कम जाने पहचाने हैं, जिनको व्यापक संस्कृति तो दूर, कलीसिया में भी कम जाना जाता है।

टेबलटॉक का यह प्रकाशन हमारे प्रभु के कई दृष्टान्तों को अर्थप्रकाशित करेगा, जिसका उद्देश्य पाठकों को ख्रीष्ट की शिक्षा को ठीक रीति से समझने में सहायता करना है।
 

 
23 नवम्बर 2021

दक्ष कहानीकार

मुझे अच्छी कहानी पसन्द है। हालाँकि, मैंने पाया है कि अधिकाँश कहानियाँ, विशेषतः हाल की, उतनी अच्छी नहीं हैं। वास्तव में अच्छी कहानियाँ प्रायः बहुत पुरानी होती हैं। वे समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं।
23 नवम्बर 2021

राई के बीज और ख़मीर का दृष्टान्त

पृथ्वी पर उसकी सेवकाई के आरम्भ से ही यीशु की शिक्षा में परमेश्वर का राज्य का एक महत्वपूर्ण स्थान था (मत्ती 4:17; मरकुस 1:15; लूका 4:43)। उसने घोषित किया कि उसका पृथ्वी पर आने का अर्थ है कि परमेश्वर का राज्य निकट है।