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वास्तविक सफलता

सम्पादक की टिप्पणी: यह टेबलटॉक पत्रिका श्रंखला का पहला अध्याय है: सफलता

शाबाश। उत्तम कार्य। अच्छा कार्य। बच्चों के रूप में, हमें अपने पिता, माता, दादा-दादी, शिक्षकों और प्रशिक्षकों से प्रोत्साहन के शब्द सुनना प्रिय लगता था। मुझे स्नेहपूर्वक स्मरण है, मेरे पिता की स्वीकृति मुस्कान और मेरी माँ का प्रेम भरा गले लगाना जब मैंने कोई अच्छा कार्य किया। सच कहा जाए, तो वयस्कों के रूप में हम अभी भी यह चाहते हैं कि हमें कोई बताए कि हमने अच्छा किया है। जब हम सफल होते हैं तो हमें प्रोत्साहित किया जाना अच्छा लगता है।

परमेश्वर ने हमें सफल होने की एक स्वाभाविक इच्छा दी है। हम सफल पुरुष, महिला, माता-पिता, दादा-दादी, कर्मचारी, छात्र और ख्रीष्टीय होना चाहते हैं। हम केवल इसलिए नहीं सफल होना चाहते हैं क्योंकि सफल होना अच्छा लगता है, परन्तु इसलिए क्योंकि हम जानते हैं कि सफल होना अच्छा है। हम अपनी सुरक्षा के लिए सफल होना चाहते हैं और इसलिए ताकि हम अपना और अपने परिवार के लिए प्रावधान कर सकते हैं। हम चाहते हैं कि हमारे जीवन का महत्व हो, और हम चाहते हैं कि हमारे कार्य का महत्व हो। हम लोगों से प्रशंसा, सम्मान, और प्रेम चाहते हैं। हम नहीं चाहते हैं कि हम सबसे अच्छा करके असफल हो जाएं, और हम अनुचित बातों में सफल होना नहीं चाहते हैं। हम उचित बातों को करना चाहते हैं और कि हमारा जीवन वहाँ प्रभाव डालें जहाँ वास्तव में महत्वपूर्ण है। 

कुछ लोग कहते हैं कि सफलता की इच्छा स्वाभाविक रीति से बुरी होती है। दूसरों का मानना है कि सांसारिक सफलता ही महत्व रखती है। दोनों त्रुटिपूर्वक हैं। परमेश्वर ने हमें सफल होने की इच्छा दी है, और बाइबल में परिभाषित सफलता के लिए प्रयास करके, हम अपने सृष्टिकर्ता की महिमा करते हैं। हालाँकि, बाइबल के आधार पर परिभाषित सफलता सर्वदा संसार के सफलता के समान नहीं लगती है। परमेश्वर हमें विश्वासयोग्य होने के लिए बुलाता है, क्योंकि यही सच्ची सफलता है। विश्वासयोग्यता का अर्थ सर्वदा परमेश्वर की दृष्टि में फलदायी होना और सफलता होता है। इसका अर्थ सर्वदा पुरुषों की दृष्टि में सफलता नहीं होता है। परमेश्वर हमें विश्वासयोग्य होने के लिए बुलाता है जब हम प्रतिदिन पवित्र आत्मा पर निर्भर रहते हैं हमारे मार्ग को समृद्ध बनाने के लिए और उसकी महिमा, न कि हमारी महिमा के लिए अच्छी सफलता प्राप्त करने के लिए (यहोशू 1:8; भजन 118:25)। और जब हम यीशु ख्रीष्ट की पुनः आगमन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो वास्तविक और अन्तिम सफलता के लिए हमारी एकमात्र आशा है, हम सर्वदा विश्वासयोग्य रहने का प्रयास करें ताकि हम अपने उद्धारकर्ता को यह कहते हुए सुन सकें, “शाबाश, अच्छे और विश्वासयोग्य दास” (मत्ती 25:23)।

यह लेख मूलतः टेबलटॉक पत्रिका में प्रकाशित किया गया।
बर्क पार्सन्स
बर्क पार्सन्स
डॉ. बर्क पार्सन्स टेबलटॉक पत्रिका के सम्पादक हैं और सैनफोर्ड फ्ला. में सेंट ऐंड्रूज़ चैपल के वरिष्ठ पास्टर के रूप में सेवा करते हैं। वेअश्योर्ड बाइ गॉड : लिविंग इन द फुलनेस ऑफ गॉड्स ग्रेस के सम्पादक हैं। वे ट्विटर पर हैं @BurkParsons.