गर्मियों की रात में बाहर खड़े होकर आँधी को आते देखना अद्भुत होता है। घने बादल ऊपर चाँद और तारों की चमक को रोक देते हैं, और सब कुछ घने अन्धेरे में ढप जाता है। फिर, एक क्षण के लिए, वह अन्धकार टूट सा जाता है, जब आकाश में बिजली चमकती है और उसकी चमक चकाचौंध हो जाती है। जब वह ओझल हो जाती है, उसका स्थायी प्रभाव लुप्त नहीं होता है, और उसकी चमक मन की आँखों पर अंकित हो जाती है।