22 अक्टूबर 2026
विश्वासी की मृत्यु के बाद आत्मा तुरन्त प्रभु की उपस्थिति में जाती है, जहाँ वह परमेश्वर की आराधना और स्तुति करती हुई शरीर के पुनरुत्थान की प्रतीक्षा करती है। इसलिए मृत्यु का सामना ख्रीष्ट की सामर्थ्य और अनन्त जीवन की आशा के भरोसे के साथ किया जा सकता है।
