29 दिसम्बर 2022

प्रोटेस्टेन्ट विश्वास वचन और अंगीकार वचन

धर्मसुधार आंदोलन विश्वास के आधारभूत तथ्यों पर एक संघर्ष था। सर्वप्रथम लूथर के साथ, और फिर अन्य प्रोटेस्टेन्ट परम्पराओं के साथ, धर्मसुधारकों ने रोमी कैथोलिक शिक्षाओं  और पोप सम्बन्धी आधिकारिक शासन के ऊपर बाइबलीय विश्वास को रखा।
27 दिसम्बर 2022

धर्मसुधार क्यों अभी भी महत्व रखता है?

अक्टूबर 31, 2016 को, पोप फ्रांसिस ने यह घोषणा किया कि पाँच सौ वर्ष पश्चात्, प्रोटेस्टेन्ट और कैथोलिक लोगों के पास अब “उन वादविवादों और असहमतियों से हट कर अपने इतिहास के महत्वपूर्ण क्षण को सुधारने का अवसर है जो प्रायः हमें एक दूसरे को समझने से रोकते हैं।
21 जून 2021

त्रिएकता में हर्षित होना

“परमेश्वर प्रेम है” (1 यूहन्ना 4:8)। वे तीन शब्द इससे अधिक उत्साह से भरे नहीं हो सकते हैं। वे सजीव, मोहक लगते हैं, और एक अंगीठी के समान ऊष्मोत्पादग हैं। पर “परमेश्वर त्रिएकता है”? नहीं, वही प्रभाव नहीं है; वह केवल स्नेहहीन और उबाऊ लगता है।