मसीह की एक छाया
बाइबल में प्रभु के दूतों और सेवकों द्वारा किये गए आश्चर्यकर्मों के आश्चर्यचकित कर देने वाले वृतान्त दर्ज हैं। कभी-कभी, मसीही उन कथाओं के आश्चर्यकर्मों में खो जाते हैं और उन आश्चर्यकर्मों के उद्देश्य की पहचान नहीं करने पाते हैं। आश्चर्यकर्मों का उद्देश्य, परमेश्वर के लोगों द्वारा परमेश्वर के अनुग्रह और कोमलता को दिखाने के अतिरिक्त, एक और भी अधिक महत्वपूर्ण भूमिका प्रकट करना है। उनसे लोगों के प्रभु के सेवक होने, और उन सेवकों के द्वारा परमेश्वर का वचन दिए जाने की पुष्टि होती है। यीशु जो सच्चा, जीवता परमेश्वर का वचन है, उसने परमेश्वर के सभी सेवकों के कुल आश्चर्यकर्मों से भी अधिक आश्चर्यकर्म किये, और वह भी परमेश्वर के अन्य उपयोगी पात्रों की तुलना में, बहुत कम समय में। यह हमें हमारे उद्धारकर्ता के अनुपम होने को स्मरण करवाता है, जो लॉगोस है, जिसमें परमेश्वर की परिपूर्णता उसकी सामर्थ्य और प्रताप के साथ प्रकट होती है।