30 सितम्बर 2025
मैं कुछ दिन पहले ही में सदोम और अमोरा के विनाश से ठीक पहले परमेश्वर और अब्राहम के बीच हुई भेंट के विषय में सोच रहा था और मुझे एक अद्भुत अनुभूति हुई। यह परमेश्वर के स्वयं के अन्दर इस प्रश्न पर हुए संवाद से सम्बन्धित था: “जो मैं करने पर हूँ, क्या उसे अब्राहम से छिपा रखूँ?” (उत्पत्ति 18:17)।

