4 सितम्बर 2025

क्या परमेश्वर सदैव ख्रीष्टियों से प्रसन्न रहता है?

अपुनरुज्जीवित प्राण (नया जन्म न पाए हुए मनुष्य) परमेश्वर को प्रसन्न करने में न तो इच्छुक होते हैं और न ही सक्षम, वरन् उसकी आज्ञाओं का विरोध करते हैं (रोमियों 8:5–8)। शरीर में निहित पापी स्वार्थ उनके जीवन पर प्रभुत्व करता है (2 तीमुथियुस 3:1–5)। केवल विश्वास के द्वारा ही हनोक परमेश्वर के साथ चल सका (इब्रानियों 11:5–6)।
21 नवम्बर 2023

इस संसार के नहीं

धर्मयुद्ध, सताव, विद्रोह, शिक्षा और सामाजिक न्याय के संसारिक विचार जैसे साधनों रे द्वारा व्यर्थ में परमेश्वर के राज्य को बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं।