12 जून 2025

व्याख्याशास्त्र क्या है?

“अपने आप को परमेश्वर के ग्रहणयोग्य ऐसा कार्य करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर जिस से लज्जित होना न पड़े, और जो सत्य के वचन को ठीक ठीक काम में लाए” (2 तीमुथियुस 2:15)।