14 जनवरी 2026
बाइबल की विश्वसनीयता का विषय अत्यावश्यक है। ऐतिहासिक रूप से कलीसिया ने पवित्रशास्त्र के माध्यम से ही विश्वास और जीवन से सम्बन्धित बातों को समझने का दावा किया है, परमेश्वर द्वारा कुछ नहीं में से सब वस्तुओं की सृष्टि से लेकर, यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु, पुनरुत्थान तक, और स्वर्गारोहण के महत्व से लेकर, उस अन्तिम चरमोकर्ष तक जिसकी ओर सम्पूर्ण इतिहास बढ़ रहा है।








