16 दिसम्बर 2025

बदलते हुए संसार में अटल सत्य

पापियों के प्रति परमेश्वर की करुणा निर्गमन 34:6 के एक उद्धरण से आरम्भ होती है। मूसा ने परमेश्वर से उसकी महिमा दिखाने की विनती की थी, और परमेश्वर ने उत्तर में प्रतिज्ञा की कि वह अपनी सारी भलाई मूसा को दिखाएगा, जब वह चट्टान की दरार में छिपे मूसा के पास से होकर निकलेगा (निर्गमन 33:18–23)।
27 जून 2025

जब संसार विजयशील प्रतीत हो

जब हमें ऐसा लगे कि संसार की दुष्टता और कलिसिया में व्याप्त समझौता परमेश्वर के राज्य पर प्रबल हो रहे हैं, तो हमें क्या प्रतिक्रिया देनी चाहिए? मत्ती 13:24–43 में, यीशु परमेश्वर के राज्य के स्वरूप के विषय में शिक्षा देता है — जिसे मत्ती अधिक विशिष्ट रूप से “स्वर्ग का राज्य” कहता है।
20 अगस्त 2024

मसीहियत और संसारिक दर्शनशास्त्र

जे. ग्रेशम मेचन ने अपनी अमूल्य पुस्तक क्रिस्चियैनिटी एण्ड लिबरेलिज्म़ (मसीहियत और उदारवाद) का परिचय देते हुए कहा कि वे “संघर्ष के समय” में जी रहते थे। समभवत: मानव जाति के पाप में गिरने के बाद से सभी मनुष्य संघर्ष के समय में जी रहे हैं।