दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व करना | लिग्निएर मिनिस्ट्रीज़
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दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व करना

सम्पादक की टिप्पणी: यह टेबलटॉक पत्रिका श्रंखला का दूसरा अध्याय है: अगुवाई

जब अगुवा कक्ष में प्रवेश करता है, उत्तम होगा कि सत्य के प्रति उत्साह उसके साथ प्रवेश करे। वास्तविक नेतृत्व खाली स्थान से उभर कर नहीं आता है। नेतृत्व जो सबसे अधिक महत्व रखता है वह है दृढ़ विश्वास पर आधारित है— अत्यन्त  दृढ़ विश्वास पर आधारित। नेतृत्व की यह विशेषता गहरी धारणाओं से उत्पन्न होती है जो वह आकार देते हैं जो हम हैं और साथ ही अन्य सभी बातों के विषय में हमारे विश्वास को स्थापित करते हैं। दृढ़ विश्वास केवल धारणा नहीं है; अर्थात, वे ऐसे धारणाएं नहीं हैं जो केवल हमारे द्वारा धारण किए जाते हैं। इसके स्थान पर, दृढ़ विश्वास हमें अपनी पकड़  में रखते हैं। इन आधारभूत धारणाओं, इन दृढ़ विश्वासों के बिना हम नहीं जान पाते कि हम कौन हैं, और उनके बिना हम नहीं जान पाते कि कैसे नेतृत्व किया जाए।

मसीही अगुवे पहचानते हैं कि दृढ़ विश्वास हमारे विश्वास और शिष्यता के लिए आवश्यक है। हमारा मसीही अनुभव विश्वास के साथ आरम्भ होता है। नया नियम का सबसे अधिक परिचित पद, यूहन्ना 3:16, हमें बताता है कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र यीशु ख्रीष्ट को भेज दिया, “ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।” जब पौलुस और सीलास ने अपने भयभीत दरोगा से कहा कि कैसे वह उद्धार प्राप्त कर सकता है, तो उन्होंने इसे सामर्थी और अचूक सरलता के साथ व्यक्त किया: “प्रभु यीशु पर विश्वास कर तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा” (प्रेरितों के काम 16:31)।

विश्वास करने की आज्ञा बाइबल का मुख्य केन्द्र है। मसीहियत कुछ ऐसे सत्यों पर आधारित है जिन पर चर्चा नहीं किया जा सकता है, और वे सत्य, जब एक बार ज्ञात हो जाते हैं, विश्वास में परिवर्तित हो जाते हैं। वे धारणाएं जो हमारे विश्वास को स्थिर करते हैं, वे हैं जिनके प्रति हम सबसे अधिक उत्साही और व्यक्तिगत रीति से समर्पित हैं, और यह हमारे दृढ़ विश्वास हैं। हम विश्वास में जितना विश्वास करते हैं उससे अधिक हम धारणाओं में विश्वास नहीं करते हैं। हम सुसमाचार में विश्वास करते हैं, और हम ख्रीष्ट पर विश्वास करते है। हमारे विश्वास में पदार्थ है औ हमारे विश्वास का एक विषय-वस्तु है।

सहज रूप से कहें, तो एक दृढ़ विश्वास एक ऐसा विश्वास है जिसके विषय में हम पूरी रीति से आश्वस्त हैं। मेरा अर्थ यह नहीं है कि हम केवल यह विश्वास करते हैं कि दिए गए कथनों का समूह सत्य है, परन्तु यह कि हम आश्वस्त हैं कि यह सत्य आवश्यक और जीवन परिवर्तित करने वाले हैं। हम इन सत्यों के द्वारा जीवन जीते हैं और इन सत्यों के लिए मरने के लिए तैयार हैं।

पतरस और यूहन्ना पर विचार करें, वे दो प्रेरित, जिन्होंने ख्रीष्ट की मृत्यु और पुनरुत्थान के कुछ ही दिनों पश्चात, महासभा के समक्ष साहस के साथ यीशु के विषय में सार्वजनिक रूप से प्रचार न करने के उसके आदेश का उल्लंघन किया। उन्होंने पकड़ने वाले अधिकारियों से कहा कि वे बताना बन्द नहीं कर सकते जो उन्होंने “देखा और सुना है”(प्रेरितों के काम 4:20)। वही विश्वास वे दृढ़ विश्वास हैं जो आज मसीही अगुवों चुप नहीं रहने देते हैं, धमकियों और विरोध का सामना करते हुए भी। 

जस्टिन मार्टर, आरम्भिक कलीसिया के अगुवों में से एक, दृढ़ विश्वास के नेतृत्व के चित्रण के रूप में भी प्रकट होता है। जब उसने अपनी कलीसिया के सदस्यों को रोमी अधिकारियों के हाथों द्वारा मृत्यु दण्ड की ओर जाने में अगुवाई की, तो जस्टिन ने अपने लोगों को इन शब्दों के साथ प्रोत्साहित किया: “स्मरण रखो, वे हमें मार सकते हैं, परन्तु वे हमें चोट नहीं पहुंचा सकते।”

अब, यह अपने स्पष्ट रूप में प्रामाणिक नेतृत्व है— ऐसा नेतृत्व जो लोगों को उनकी मृत्यु तक ले जाता है, यह जानते हुए कि ख्रीष्ट उन्हें निर्दोष ठहराएगा और उन्हें अनन्त जीवन का उपहार देगा। कृतज्ञतापूर्ण, हममें से अधिकांश को कभी भी उस प्रकार के नेतृत्व चुनौती का अनुभव नहीं करना पड़ेगा।

फिर भी, विश्वास वही रहते हैं, और अगुवे के जीवन और सोच में उन समर्पण के कार्य भी। हम जानते हैं कि यह बातें इतनी सत्य हैं कि हम उनके लिए स्वयं को संकट में डालने, उनके लिए जीने, उनकी अगुवाई करने, और, यदि आवश्यक हो, तो उनके लिए मरने के लिए तैयार हैं। 

नेतृत्व जो वास्तव में बहुत महत्व रखता है वह दृढ़ विश्वास से चिह्नित होता है। अगुवा रणनीति और दर्शन से लेकर समूह का निर्माण, प्रेरणा और प्रत्यायोजन तक प्रत्येक बात के लिए उचित रीति से चिन्ता करता है। परन्तु सच्चा अगुवा के हृदय और समझ के केन्द्र में, आप ऐसे विश्वास पाएंगे जो शेष सभी को संचालित और निर्धारित करता है।

मुझे इतिहास से दृढ़ विश्वास के नेतृत्व के अपने कई सबसे प्रोत्साहित करने और शिक्षाप्रद उदाहरण मिलते हैं। अपने पूरे जीवन में, मैंने सोलहवीं शताब्दी के महान धर्मसुधारक मार्टिन लूथर से प्रेरणा ली है, जो बाइबल के अधिकार के विषय में इतना आश्वस्त था कि वह धार्मिक अधिकारियों की भयभीत करने वाले न्यायालय के सम्मुख खड़े होने के लिए तैयार था जिसके कारण उस पर अभियोग लगाया गया, यहाँ तक कि पवित्र रोमी साम्राज्य के सामने निर्भयता से यह घोषणा करते हुए, “मैं यहा खड़ा हूँ, मैं कुछ और नहीं कर सकता, परमेश्वर मेरी सहायता करे।”

मैं विश्वास करता हूँ।  वे शब्द दृढ़ विश्वास के नेतृत्व का एक घोषणापत्र हैं। परन्तु लूथर केवल खड़े होने के लिए तैयार नहीं था; वह साहसी धर्मसुधार की प्रक्रिया में कलीसिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार था।

जब मैं युवा था, मैंने रॉबर्ट बोल्ट के नाटक पर आधारित फिल्म हर ऋतु के लिए पुरुष (A Man for All Seasons) देखी। कहानी सर थॉमस मोर के अन्तिम वर्षों और राजद्रोह के आरोप में उसकी सुनवाई के विषय में है। इंग्लैण्ड के पूर्व चांसलर, मोर ने उस सर्वोच्चता की शपथ लेने से मना करने के लिए राजा हेनरी VIII के रोष को अर्जित किया, जिसने राजा को कलीसिया का सर्वोच्च राज्यपाल घोषित किया। मुझे बाद में पता चला कि मोरे ने स्वयं लूथरवादियों और महान अग्रेंज़ी में बाइबल के अनुवादक विलियम टिण्डेले को सताया था। बोल्ट का थॉमस मोरे के संस्करण ने पूरी रीति से सच्चाई नहीं बताई, परन्तु उस समय से जब मैंने पहली बार फिल्म देखी आज तक, मैं अभी भी मोरे के उदाहरण से प्रेरित हूँ जिस प्रकार वह अपने दृढ़ विश्वास के प्रति सच्चे होने के लिए फांसी के स्थान तक चला गया। उसके प्राणदण्ड को देखने के लिए एकत्रित हुई भीड़ का सामना करते हुए, मोरे ने कहा: “राजा ने मुझे संक्षिप्त होने की आज्ञा दी है, और क्योंकि मैं राजा का आज्ञाकारी सेवक हूँ, इसलिए मैं संक्षिप्त रहूँगा, मैं महाराजा के सेवक के रूप में मरता हूँ, परन्तु पहले परमेश्वर का।” 

यह वही दृढ़ विश्वास है जो हमारे जीवन को पृथक करता है। दुख की बात यह है कि आज के बहुत से ऐसे अगुवे हैं जिनके पास इस बात के विषय में बहुत कम विचार है जो वे विश्वास करते हैं, या ऐसा प्रतीत होता है कि वे बिना किसी स्पष्ट और प्रत्यक्ष विश्वास से प्रेरित हैं। आज के समय के कितने ऐसे अगुवे उन दृढ़ विश्वास के लिए जाने जाते हैं जिनके लिए वे मरने को तैयार हैं— या जीने के लिए भी।

आप सभी अगुवों को उन लोगों में विभाजित कर सकते हैं जो केवल एक कार्य या पद को धारण करते हैं और जो महान विश्वास रखते हैं। उन अगुवों पर अधिक ध्यान देने के लिए जीवन बहुत छोटा है जो बहुत कम या कुछ नहीं के लिए खड़े हैं, वे अगुवे जो अगले प्रोग्राम की प्रतीक्षा करते हैं, नवीनतम नेतृत्व की धुन में लगे रहते हैं, एक के बाद एक विचार अपनाते रहते हैं, परन्तु कोई दृढ़ विश्वास के चलाए नहीं चलते।

मैं एक ऐसा अगुवा होना चाहता हूँ जिसका कोई महत्व हो, इस रीति से नेतृत्व करना जिससे वास्तव में प्रभाव पड़ता है क्योंकि ये दृढ़ विश्वास महत्व रखते हैं। यदि आप इसके विषय में सोचते हैं, तो लगभग प्रत्येक अगुवा जिसे अब इतिहास में परिवर्तन लाने के लिए स्मरण किया जाता है, वह एक ऐसा अगुवा था जिसके विश्वास ने जीवन, स्वाधीनता, सत्य, स्वतंत्रता और मानवीय प्रतिष्ठा के विषय में इतिहास को परिवर्तित कर दिया। 

यही एकमात्र नेतृत्व है जो महत्व रखता है। विश्वासप्रद अगुवें कार्य को उचित रीति से आगे बढ़ाते हैं क्योंकि वे गहरे विश्वास से प्रेरित हैं, और इन दृढ़ विश्वास के लिए उनका उत्साह उनके अनुयायियों को सौंप दिया जाता है, जो उस कार्य को करने के लिए सम्मिलित होते हैं जिसके विषय में वे जानते हैं कि वह सही है। और, वे जानते हैं कि क्या उचित है क्योंकि वे जानते हैं कि सत्य क्या है।

इससे कम किसी और बात में कोई भी मसीही अगुवा कैसे सन्तुष्ट हो सकता है? पदवी, कार्य, और पद स्याही से भी शीघ्र लुप्त हो जाते हैं। 

मैं एक बार अपने पुत्र, क्रिस्टोफर को न्यू यॉर्क शहर की यात्रा पर ले गया। कई स्थानों पर, हमने स्वयं को उन पुरुषों की मूर्तियों और स्मारकों को देखते हुए पाया, जो किसी समय प्रसिद्ध या सामर्थी थे। अधिकांश मूर्तियों के स्मृति लुप्त हो गईं हैं और उनकी प्रतिमाएं अब न्यू यॉर्क के परिदृश्य के साथ मिश्रित हो गई हैं, और लाखों लोग बिना दूसरी बार देखे आगे बढ़ते रहते हैं।

अधिकांश अमेरिकी संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति को धर्मनिरपेक्ष नेतृत्व के कल्पना करने योग्य सर्वोच्च पद मानते हैं। परन्तु कितने अमेरिकी उन पैंतालीस पुरुषों में से बीस या तीस का नाम भी ले सकते हैं जिन्होंने उस पद को धारण किया है? पिछली बार कब आपने किसी को चेस्टर ए. आर्थर या विलियम हेनरी हैरिसन के विषय में बात करते सुना था?

हम उन लोगों को तो स्मरण करते हैं जो अपने विश्वासों और उन दृढ़ विश्वासों के साहस के लिए जाने जाते थे। इसी सिद्धान्त को प्रत्येक कार्यालय और सम्भावित नेतृत्व के स्थान तक बढ़ाया जा सकता है। दृढ़ विश्वास के बिना, वास्तव में कुछ भी महत्व नहीं रखता है, और कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं बढ़ाया जाता है।

मैं विश्वास करता हूँ कि नेतृत्व उचित विश्वासों को व्यवहार में लाने और विश्वासों के आधार पर यह जानना है कि वे सही विश्वास और कार्य क्या हैं। आज बहुत कुछ जो नेतृत्व माना जाता है केवल प्रबन्धन ही है। आप विश्वास के बिना प्रबन्धन करने में सक्षम हो सकते हैं, परन्तु आप वास्तव में नेतृत्व नहीं कर सकते हैं।

मसीही अगुवों के लिए, दृढ़ विश्वास पर यह ध्यान और अधिक महत्वपूर्ण है। हम उस रीति से नेतृत्व नहीं कर सकते जो ख्रीष्ट के प्रति विश्वासयोग्य है और ख्रीष्टि के लोगों के लिए प्रभावशाली है यदि हम मसीही सच्चाई में गहराई से विश्वास नहीं करते हैं। हम विश्वासयोग्यता से नेतृत्व नहीं कर सकते हैं यदि हम पहले विश्वासयोग्यता से विश्वास नहीं करते हैं—और यदि हम मसीही सच्चाई के प्रति सम्पूर्ण रीति से समर्पित नहीं है। 

साथ ही, ऐसे कई मसीही हैं जो यह अनुभव करते हैं कि वे नेतृत्व के लिए बुलाए गए हैं और उत्साह के साथ सभी उचित सत्यों के लिए समर्पित हैं, परन्तु वे निश्चित नहीं है कि उन्हें यहाँ से कहाँ जाना है। मसीही नेतृत्व के लिए प्रारम्भिक बिन्दु अगुवाई करना नहीं परन्तु अनन्त सत्य हैं जिन्हें परमेश्वर ने हमारे सामने प्रकट किया है—वे सत्य जो संसार को हमें समझने की अनुमित देते हैं, हमारी समझ का निर्माण करते हैं, और हमें कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रेरित पौलुस ने थिस्सलुनीकियों को यह जानने के लिए प्रोत्साहित किया कि सुसमाचार उनके पास आया, “न केवल शब्दों में, परन्तु सामर्थ्य में, पवित्र आत्मा में और पूर्ण निश्चयता के साथ ही पहुँचा” (1 थिस्सलुनीकियों 1:5)। एक मसीही अगुवा के रूप में, मैं यही आशा और प्रार्थना करता हूँ कि यह मेरे विषय में और आपके विषय में सत्य है। मैं “पूरे विश्वास के साथ” नेतृत्व करना चाहता हूँ।”

यह लेख मूलतः टेबलटॉक पत्रिका में प्रकाशित किया गया।
ऐल्बर्ट मोह्लर
ऐल्बर्ट मोह्लर
डॉ. आर. ऐल्बर्ट लोह्लर जूनियर (@AlbertMohler) लूईविल, केन्टकी के सदर्न बैप्टिस्ट थियोलॉजिकल सेमिनेरी के अध्यक्ष तथा मसीही ईश्वरविज्ञान के जोज़ेफ एमर्सन ब्राउन प्राध्यापक हैं। वे दैनिक कार्यक्रम द ब्रीफिंग के परिचारक हैं और अनेक पुस्तकों के लेखक हैं, जिनमें वह प्रार्थना जो जगत को पलट दे (The Prayer That Turns the World Upside Down) सम्मिलित हैं।