20 जनवरी 2022

चिन्ता के साथ विश्वासयोग्यता से जीना

चिन्ता रहस्यमयपूर्ण और भ्रान्तिजनक है। कुछ लोगों ने शक्तिहीन करने वाली चिन्ता का अनुभव किया है जिससे कि उन्होंने अपने आप को एम्बुलेन्स के पीछे बैठा हुआ पाया, जबकि अन्य लोगों को असाम्यिक चिन्ताजनक विचार आते हैं जो उनके शान्तिपूर्ण निद्रा में जाने से पहले उनके मस्तिष्क से होकर निकलते हैं। 
23 नवम्बर 2021

राई के दाने और ख़मीर का दृष्टान्त

पृथ्वी पर उसकी सेवकाई के आरम्भ से ही यीशु की शिक्षा में परमेश्वर का राज्य का एक महत्वपूर्ण स्थान था (मत्ती 4:17; मरकुस 1:15; लूका 4:43)। उसने घोषित किया कि उसका पृथ्वी पर आने का अर्थ है कि परमेश्वर का राज्य निकट है।