22 जुलाई 2025

लाजर और धनी मनुष्य का दृष्टान्त

आपके मरने के बाद क्या होता है? यदि आप मर जाने के बाद अपने प्रियजनों से बात कर पाते तो आप उनसे क्या कहते? इस श्रृंखला के चौथे भाग में, आर.सी. स्प्रोल लाजर और धनी व्यक्ति के दृष्टान्त को फिर से बताते हैं और यीशु द्वारा दी गई सबसे गम्भीर चेतावनियों में से एक को स्पष्ट करते हैं।
21 जुलाई 2025

धनी मूर्ख का दृष्टान्त

किसी भी व्यक्ति मूर्ख कहलाना अच्छा नहीं लगता। परन्तु इस मर्मभेदी दृष्टान्त में, परमेश्वर एक धनी मनुष्य को मूर्ख कहता है। इस श्रृंखला के तीसरे भाग में, आर.सी. स्प्रोल बताते हैं कि यह धनी और समृद्ध किसान मूर्ख क्यों था और आज हम सब लोग इस बात से क्या महत्वपूर्ण सबक सीखते हैं।
20 जुलाई 2025

अधर्मी न्यायाधीश का दृष्टान्त

एक अन्यायी न्यायाधीश की कहानी से हम परमेश्वर और प्रार्थना के बारे में क्या सीख सकते हैं? इस श्रृंखला के दूसरे भाग में, आर.सी. स्प्रोल हमारे लिए दृढ़ता से प्रार्थना करने की भूमिका और क्लेशों के समय में निराश न होने से सम्बन्धित यीशु के प्रोत्साहन की खोज करते हैं।
19 जुलाई 2025

परिचय

यीशु के दृष्टान्त नामक शृंखला में अपने उपदेश के इस अंश में, आर. सी. स्प्रोल हमें याद दिलाए हैं कि सच्ची क्षमा कैसी दिखती है।
4 अप्रैल 2025

सच्ची क्षमा कैसी दिखती है?

यीशु के दृष्टान्त नामक शृंखला में अपने उपदेश के इस अंश में, आर. सी. स्प्रोल हमें याद दिलाए हैं कि सच्ची क्षमा कैसी दिखती है।
4 अप्रैल 2025

दया बनाम अन्याय

यीशु के दृष्टान्त नामक शृंखला में अपने उपदेश के इस अंश में, आर. सी. स्प्रोल दया और अन्याय के बीच के अन्तर को दिखाते हैं।
12 जून 2024

एक, पवित्र, विश्वव्यापी, और प्रेरितीय कलीसिया

हम कहते हैं “परमेश्वर के अधीन, अदृश्य, स्वतंत्रता के साथ, एक राष्ट्र . . .” हम इसके विषय में पूर्ण तर्क देते हैं (विशेषकर “परमेश्वर के अधीन” वाले भाग पर)।
15 मई 2024

मेरे जीवन के लिए परमेश्वर की इच्छा क्या है?

परमेश्वर की अगुवाई के विषय में बाइबल क्या कहती है? यह कहती है कि यदि हम परमेश्वर को स्मरण करके अपने सब कार्य करें तो वह हमारे लिए सीधा मार्ग निकालेगा (नीतिवचन 3:5-6)।
13 मई 2024

प्रचार में उदाहरणों के उपयोग की आवश्यकता

हमारा भरोसा तकनीकों पर नहीं है। फिर भी, मार्टिन लूथर ने संचार (communication) के कुछ सिद्धान्तों की शिक्षा को जिन्हें वह महत्वपूर्ण मानते थे तिरस्कृत नहीं किया।