4 दिसम्बर 2025

भय एवं अनिश्चितता

मृत्यु वह सबसे बड़ी समस्या है जिसका सामना मनुष्य करता है। हम उसके विचारों को अपने मन के दूरस्थ कोणों में दबाने का प्रयत्न कर सकते हैं, किन्तु हम अपनी नश्वरता के बोध को पूर्णतः मिटा नहीं सकते। हमें ज्ञात है कि मृत्यु का छाया हमारी प्रतीक्षा कर रही है।
3 दिसम्बर 2025

प्रचार और शिक्षा

एक दशक से भी अधिक समय पहले मुझे प्रचार के विषय में मार्टिन लूथर के दृष्टिकोण पर एक व्याख्यान देने के लिए आमन्त्रित किया गया था, और मैंने पाया कि उसकी तैयारी ने एक प्रचारक के रूप में मेरे अपने कार्य के लिए बहुत मूल्यवान सिद्ध हुई।
27 नवम्बर 2025

यीशु के समान सोचना

कुछ वर्ष पहले मुझे अमेरिका के एक प्रमुख ईश्वरविज्ञानिय सेमिनरी के दीक्षान्त समारोह में भाषण देने हेतु आमन्त्रित किया गया था। उस भाषण में मैंने बाइबलिय व्याख्या में तर्कशास्त्र की महत्वपूर्ण भूमिका के विषय पर बोला और मैंने सेमिनरियों से यह आग्रह किया कि वे अपने अनिवार्य पाठ्यक्रमों में तर्कशास्त्र के पाठ सम्मिलित करें।
20 नवम्बर 2025

प्रेम जो कि धैर्यवान और कृपालु है

1 कुरिन्थियों 13 पवित्रशास्त्र के सबसे प्रसिद्ध खण्डों में से एक है, क्योंकि इसमें प्रेरित पौलुस हमें ईश्वरीय प्रेम के स्वभाव का एक अद्भुत अर्थप्रकाशन देता है।
13 नवम्बर 2025

धर्मसुधारवादी परमेश्वर का धर्मसिद्धान्त

ईश्वरविज्ञान, निस्सन्देह, परमेश्वर, उसके चरित्र और उसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करता है; इसलिए यह उचित है कि उद्धार, कलीसिया, अन्तिम बातें और विधिवत ईश्वरविज्ञान की अन्य शाखाओं पर विचार करने से पहले हम परमेश्वर के स्वभाव और उसके गुणों पर दृष्टि डालें।
6 नवम्बर 2025

उत्पत्ति 6 में “परमेश्वर के पुत्र” कौन हैं?

बीसवीं शताब्दी में, जर्मन बाइबलीय विद्वान रूडोल्फ बुल्टमान (Rudolf Bultmann) ने पवित्रशास्त्र की एक व्यापक आलोचना प्रस्तुत की। उन्होंने यह तर्क दिया कि बाइबल मिथक संदर्भों से भरी हुई है, जिन्हें हटाए बिना इसे हमारे युग में सार्थक रूप से लागू नहीं किया जा सकता। बुल्टमान की मुख्य चिन्ता विशेषकर नए नियम के उन वर्णनों को लेकर थी, जिनमें चमत्कारों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें वह असम्भव मानते थे।
16 अक्टूबर 2025

महिमा की खोज

महिमा की खोज बहुत अधिक प्रोत्साहित करने वाली होती है। कितनी बार ऐसा हुआ है कि जब महिमा निकट प्रतीत होती है तो हम और अधिक प्रयास करते हैं या और आगे तक दौड़ जाते हैं। हम महिमा पाने के लिए अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग करने को भी तैयार रहते हैं। “कष्ट बिना लाभ नहीं!
14 अक्टूबर 2025

पवित्र परमेश्वर के साथ युद्ध और शान्ति

मुझे 1945 की उमस भरी गर्मी का वह दिन स्मरण है जब मैं शिकागो की सड़कों पर खेलने में व्यस्त था। उस समय मेरा संसार वहाँ की आस पास की फैली भूमि तक ही सीमित था। मेरे लिए बस इतना ही महत्वपूर्ण था कि अन्ततः मेरी बल्लेबाजी की बारी आ गई। मुझे सबसे अधिक क्रोध तब आया जब पहली ही गेद खेलने के बीच में ही चारों ओर भगदड़ और शोर मच गया। लोग अपने घरों के द्वारों से बाहर भागने लगे, चीखने-चिल्लाने लगे और लकड़ी के चम्मचों से बर्तन पीटने लगे। एक क्षण के लिए मुझे लगा कि सम्भवतः संसार का अन्त यही है।
31 जुलाई 2025

दया बनाम अन्याय

यीशु के दृष्टान्त नामक शृंखला में अपने उपदेश के इस अंश में, आर. सी. स्प्रोल दया और अन्याय के बीच के अन्तर को दिखाते हैं।