23 दिसम्बर 2025

यीशु की प्रार्थनाओं की सान्त्वना

एक सेवक के रूप में, मुझे अनेक लोगों के साथ मिलकर पवित्रशास्त्र को खोलने और यह दिखाने का अवसर मिला है कि विभिन्न विषयों पर परमेश्वर क्या कहता है। इन वर्षों में, मुझसे सबसे अधिक पूछा जाने वाला एक प्रश्न यह रहा है कि विश्वासियों के उद्धार की सुरक्षा के लिए ख्रीष्ट के कार्य का अर्थ क्या है।
18 दिसम्बर 2025

न्यायियों से सीखना

इतिहास के कुछ विशेष काल मुझे समस्त मानव-इतिहास की दिशा को समझने के लिए विशेष रूप से शिक्षाप्रद प्रतीत होते हैं। अर्थात् कभी-कभी हम अतीत के किसी एक विशिष्ट अवधि पर ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं, देख सकते हैं कि कैसे सम्पूर्ण मानव-इतिहास उस काल की पुनरावृत्त करता है, और फिर उसी काल से सीख सकते हैं कि हमे आज क्या करना चाहिए।
11 दिसम्बर 2025

तीर्थयात्री प्रजा

परमेश्वर के लोग हमेशा से वे रहे हैं जिन्हें हम “तीर्थयात्री प्रजा” कह सकते हैं। निर्गमन में पुराने वाचा की कलीसिया की व्यवस्था ने प्राचीन इस्राएलियों को “तीर्थयात्री” और “परदेशी” जैसे नाम दिये।
4 दिसम्बर 2025

भय एवं अनिश्चितता

मृत्यु वह सबसे बड़ी समस्या है जिसका सामना मनुष्य करता है। हम उसके विचारों को अपने मन के दूरस्थ कोणों में दबाने का प्रयत्न कर सकते हैं, किन्तु हम अपनी नश्वरता के बोध को पूर्णतः मिटा नहीं सकते। हमें ज्ञात है कि मृत्यु का छाया हमारी प्रतीक्षा कर रही है।
3 दिसम्बर 2025

प्रचार और शिक्षा

एक दशक से भी अधिक समय पहले मुझे प्रचार के विषय में मार्टिन लूथर के दृष्टिकोण पर एक व्याख्यान देने के लिए आमन्त्रित किया गया था, और मैंने पाया कि उसकी तैयारी ने एक प्रचारक के रूप में मेरे अपने कार्य के लिए बहुत मूल्यवान सिद्ध हुई।
27 नवम्बर 2025

यीशु के समान सोचना

कुछ वर्ष पहले मुझे अमेरिका के एक प्रमुख ईश्वरविज्ञानिय सेमिनरी के दीक्षान्त समारोह में भाषण देने हेतु आमन्त्रित किया गया था। उस भाषण में मैंने बाइबलिय व्याख्या में तर्कशास्त्र की महत्वपूर्ण भूमिका के विषय पर बोला और मैंने सेमिनरियों से यह आग्रह किया कि वे अपने अनिवार्य पाठ्यक्रमों में तर्कशास्त्र के पाठ सम्मिलित करें।
20 नवम्बर 2025

प्रेम जो कि धैर्यवान और कृपालु है

1 कुरिन्थियों 13 पवित्रशास्त्र के सबसे प्रसिद्ध खण्डों में से एक है, क्योंकि इसमें प्रेरित पौलुस हमें ईश्वरीय प्रेम के स्वभाव का एक अद्भुत अर्थप्रकाशन देता है।
13 नवम्बर 2025

धर्मसुधारवादी परमेश्वर का धर्मसिद्धान्त

ईश्वरविज्ञान, निस्सन्देह, परमेश्वर, उसके चरित्र और उसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करता है; इसलिए यह उचित है कि उद्धार, कलीसिया, अन्तिम बातें और विधिवत ईश्वरविज्ञान की अन्य शाखाओं पर विचार करने से पहले हम परमेश्वर के स्वभाव और उसके गुणों पर दृष्टि डालें।
6 नवम्बर 2025

उत्पत्ति 6 में “परमेश्वर के पुत्र” कौन हैं?

बीसवीं शताब्दी में, जर्मन बाइबलीय विद्वान रूडोल्फ बुल्टमान (Rudolf Bultmann) ने पवित्रशास्त्र की एक व्यापक आलोचना प्रस्तुत की। उन्होंने यह तर्क दिया कि बाइबल मिथक संदर्भों से भरी हुई है, जिन्हें हटाए बिना इसे हमारे युग में सार्थक रूप से लागू नहीं किया जा सकता। बुल्टमान की मुख्य चिन्ता विशेषकर नए नियम के उन वर्णनों को लेकर थी, जिनमें चमत्कारों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें वह असम्भव मानते थे।