लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
30 सितम्बर 2021

दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व करना

जब अगुवा कक्ष में प्रवेश करता है, उत्तम होगा कि सत्य के प्रति उत्साह उसके साथ प्रवेश करे। वास्तविक नेतृत्व खाली स्थान से उभर कर नहीं आता है। नेतृत्व जो सबसे अधिक महत्व रखता है वह है दृढ़ विश्वास पर आधारित है— अत्यन्त  दृढ़ विश्वास पर आधारित। नेतृत्व की यह विशेषता गहरी धारणाओं से उत्पन्न होती है जो वह आकार देते हैं जो हम हैं और साथ ही अन्य सभी बातों के विषय में हमारे विश्वास को स्थापित करते हैं।
28 सितम्बर 2021

विश्वासयोग्य सेवक

हम आधुनिक इतिहास के एक नए युग में प्रवेश कर चुकें हैं। यह युग नेतृत्व के एक बड़े रिक्त स्थान द्वारा चिह्नित है, परन्तु नेतृत्व के विचार के प्रति घृणास्पद भाव द्वारा भी।
23 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जिनकी निन्दा की जाती है

प्रोफेसर का चेहरा गुस्से से विकृत हो गया था जब वह मुझ पर चिल्लाया और मुठ्ठी भर फटा कागज़ मेरे मुंह से सामने हिलाया। उसने मुझ पर विश्वविद्यालय के छात्रों को परेशान करने और उन पर आक्रमण करने का आरोप लगाया।
21 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जो धार्मिकता के कारण सताए जाते हैं

धन्य वाणियां ईश्वरोन्मुख दृष्टिकोण के साथ प्रारम्भ होते हैं—आत्मिक दरिद्रता, शोकित होना, नम्रता, और भूख—और मानवाभिमुख विषयों की ओर बढ़ती हैं—दया, शुद्धता,और मेल कराना—मत्ती 5:10 में सताव और निन्दा की अनिवार्य वास्तविकता के साथ समाप्त होने से पहले (मत्ती10:22; यूहन्ना 15:20 भी देखें)।
16 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जो मेल कराने वाले हैं

हम में से अधिकतर लोग मेल-मिलाप चाहते हैं। हम में बहुत कम ऐसा कराने की इच्छा रखते हैं। यदि हम धन्य वाणियों में से शीघ्रता से निकल जाएं, तो हम मेल कराने को एक निष्क्रिय विशेषता के रूप में त्रुटिपूर्वक रीति से समझ सकते हैं, जो ऐसे लोगों में है जो अपने काम से काम रखते हैं। उनका गुण मुख्यतः मतभेद से बचने में पाया जाता है।
14 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जिनके मन शुद्ध हैं

शुद्धता सभी संस्कृतियों को अलग-अलग रीतियों से चिन्हित करती है। समाजशास्त्री हमें बताते हैं कि प्रत्येक जनजाति या समूह रीति-विधियों और व्यवहार से सम्बन्धित अपनी अपेक्षाएं विकसित करता है। शुद्धता की बात करते हुए, न तो यीशु और न ही बाइबल विचित्र और अपरिचित क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।
9 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जो दयावन्त हैं

दया वह उदारता, हृदय की कोमलता, और आत्मा की करुणा है जो कि दूसरों के दु:खों को कम करने के लिए प्रेरित होती है। यह उन विशेषताओं में से एक है जो परमेश्वर की सन्तानों को चिन्हित करती है, क्योंकि परमेश्वर स्वयं “दया का धनी” है (इफिसियों 2:4)।
7 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जो धार्मिकता के भूखे और प्यासे हैं

प्रथम चार धन्य वाणी सब एक चेले की आवश्यकताओं का वर्णन करती हैं। “धन्य हैं वे जो धार्मिकता के भूखे और प्यासे हैं” शृंखला में अन्तिम है (मत्ती 5:3-6)। यीशु ने सर्वप्रथम कहा, “धन्य हैं वे जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है”(पद 3)। मन का दीन होने का अर्थ है स्वयं की आत्मिक आवश्यकता और परमेश्वर पर निर्भरता को जानना (भजन 34:6; सपन्याह 3:12)।
2 सितम्बर 2021

धन्य हैं वे जो नम्र हैं

टीकाकारों और बाइबल के शिक्षकों के लिए धन्य वाणियों में  “धन्य” की व्याख्या “खुश रहना” अर्थ के रूप में करना असामान्य नहीं है। यूनानी में शब्द जिसका अनुवाद  “धन्य” किया जाता है मकारियोस  है, और जबकि “खुश रहना” एक उपाय है इसकी व्याख्या करने के लिए, धन्य वाणियों के व्यापक सन्दर्भ में, खुशी निशाने से चूक जाते हुए प्रतीत होता है।