लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
21 दिसम्बर 2021

दाख के मज़दूरों का दृष्टान्त

“काल्पनिक बगीचा जिनमें वास्तविक मेंढक हैं।” इस प्रकार एक लेखक ने यीशु के दृष्टान्तों का वर्णन किया है। वे कल्पनाशील कहानियाँ हैं, परन्तु वे वास्तविक जीवन से सम्बन्ध रखती हैं। वे काल्पनिक बगीचे हैं, परन्तु उनमें वास्तविक मेंढक हैं। प्रायः वे मेंढक हम होते हैं।
16 दिसम्बर 2021

खोई हुई भेड़ और सिक्के के दृष्टान्त

इन दोनों प्रसिद्ध दृष्टान्तों का सन्दर्भ, जो कि उससे भी कहीं अधिक प्रसिद्ध उड़ाऊ पुत्र के दृष्टान्त की ओर लेकर के जाता है, यह है कि यीशु की “पापियों” के साथ समय बिताने के लिए आलोचना की जा रही है।
14 दिसम्बर 2021

गुप्त धन और अमूल्य रत्न के दृष्टान्त

ये दो दृष्टान्त सम्भवतः यीशु के सबसे सरल और निश्चित रूप से सबसे छोटे हैं, और फिर भी जो प्रहार ये करते हैं वह इनकी शब्द संख्या से कहीं अधिक है। वे इतने स्मरणीय क्यों प्रमाणित हुए? क्योंकि यह हमारी परमेश्वर द्वारा प्रदान कल्पना का उपयोग करते हैं।
9 दिसम्बर 2021

उगने वाले बीज का दृष्टान्त

जब कि मैं यह लिख रहा हूँ, मैं म्यूनिक, जर्मनी में अपने कार्यालय में अपनी मेज़ पर बैठा, जर्मनी में मसीहियत के नवीनतम आंकड़ों के बारे में सोच रहा हूँ। मेरे सामने के संख्याओं के अनुसार, मसीहियत का तीव्रता से पतन हो रहा है।
7 दिसम्बर 2021

ज़मींदारों और मज़दूरों का दृष्टान्त

कोई भी व्यक्ति हमारे प्रभु यीशु से अधिक साहसी नहीं था। ठीक उनके मुख पर और अपने जीवन को खतरे में रख कर, उसने अपनी पीढ़ी में परमेश्वर के लोगों के आत्म-लीन अगुवों की बुरी मंसाओं को उजागर किया।
2 दिसम्बर 2021

चालाक प्रबन्धक का दृष्टान्त

हमारा दृष्टान्त “किसी धनवान मनुष्य” के साथ प्रारम्भ होता है जिसका “प्रबन्धक” या भण्डारी है। (यूनानी ओइकोनोमोस; लूका 16:1) ओइकोनोमोस  प्राचीन जगत में एक भरोसेमन्द सेवक था जो अपने स्वामी की वस्तुओं को उसके ग्राहकों को बांटता था और उन लोगों का खरा रिकॉर्ड रखता था जो उसके स्वामी के देनदार थे।
29 नवम्बर 2021

धनी मूर्ख का दृष्टान्त

लूका के सुसमाचार के अध्याय 12 के आरम्भ में, हम यीशु को हज़ारों की भीड़ से घिरा पाते हैं जब वह उन्हें फरीसियों के ख़मीर से सावधान करता है (पद 1)। इसके तुरन्त बाद, वह दूसरी चेतावनी के साथ जारी रखता है कि किस से भय रखना है, यह कहते हुए:
23 नवम्बर 2021

राई के दाने और ख़मीर का दृष्टान्त

पृथ्वी पर उसकी सेवकाई के आरम्भ से ही यीशु की शिक्षा में परमेश्वर का राज्य का एक महत्वपूर्ण स्थान था (मत्ती 4:17; मरकुस 1:15; लूका 4:43)। उसने घोषित किया कि उसका पृथ्वी पर आने का अर्थ है कि परमेश्वर का राज्य निकट है।
23 नवम्बर 2021

दक्ष कहानीकार

मुझे अच्छी कहानी पसन्द है। हालाँकि, मैंने पाया है कि अधिकाँश कहानियाँ, विशेषतः हाल की, उतनी अच्छी नहीं हैं। वास्तव में अच्छी कहानियाँ प्रायः बहुत पुरानी होती हैं। वे समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं।