लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
20 अप्रैल 2021

शिष्य अपने हृदयों में परमेश्वर के वचन को संचित रखते हैं

“क्या मैं? पवित्रशास्त्र को कंठस्ठ करूँ? किन्तु अब मैं एक बच्चा नहीं रहा। अब मैं बच्चों को सिखाता हूँ। मैं सिखाता हूँ; वे सीखते हैं।” हालाँकि सम्भवत: ये वयस्क मसीहियों के वास्तविक शब्द नहीं हैं, पर ऐसी भावनाएं बहुत से लोगों के स्वभाव का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने वास्तव में विशेष पवित्रशास्त्र के खण्ड को कई वर्षों में कंठस्थ नहीं किया है (सम्भवतः कभी भी नहीं)।
19 अप्रैल 2021

शिष्य प्रभु में अपने माता-पिता की आज्ञा मानते हैं

यदि, वास्तव में, एक शिष्य एक सीखने वाला है, तो फिर शिष्यता के लिए माता-पिता के साथ बच्चों के सम्बन्ध से अधिक अनुकूल कोई और सम्बन्ध नहीं है। परिवार लगभग प्रत्येक समय, संस्कृति और धर्म में पहली शासन-प्रणाली है।
18 अप्रैल 2021

शिष्य अपने बच्चों की शिष्यता करते हैं

प्रभु ने परिवारों को रचा शिष्यों की उन्नति के लिए एक अनोखे स्थान के रूप में। माता-पिता को व्यवस्थाविवरण 6:6-7 में आज्ञा दी गई है परमेश्वर के वचनों के सिखाने की आज्ञा दी गई है “यत्न पूर्वक अपने बाल-बच्चों को सिखाना, तथा अपने घर में बैठे, मार्ग पर चलते और लेटते तथा उठते समय उनकी चर्चा किया करना।
8 अप्रैल 2021

शिष्य, शिष्य बनाते हैं

तीतुस 2 नई वाचा के जोशपूर्ण जीवन का वर्णन करता है जहाँ पर पास्टर खरी शिक्षा सिखाता है और एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी की शिष्यता करती है; और कई बार शिष्यता लिंग-विशेष पर आधारित होती है, “वृद्ध स्त्रियाँ . . . अच्छी बातें सिखाने वाली हों और युवा स्त्रियों को प्रोत्साहित करें (पद 3-4)।
7 अप्रैल 2021

शिष्य अपने पापों को अंगीकार करते हैं

प्रेरित यूहन्ना 1 यूहन्ना 1:8-9 में वर्णन करता है हमारे स्वयं के पापों को देखने के दो तरीकों का, और उनके परिणामों का। पहला है स्वयं के पापी होने को स्वीकार करने की अनिच्छा (पद 8)। दूसरा है अनुभूति के एक नम्र एवं सच्चा मनोभाव (पद 9)। इस लेख में हम इस अन्तिम मनोभाव पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।
6 अप्रैल 2021

शिष्य ठोकर खाते हैं

यदि मैं एक वाक्यांश को ले सकता (और थोड़ा नया करके बोल सकता) जो मैंने एक बार सुना था, तो मैं कहता कि शिष्यता का अस्तित्व है क्योंकि आराधना का नहीं है।
5 अप्रैल 2021

शिष्य परमेश्वर की आराधना करते हैं

यदि मैं एक वाक्यांश को ले सकता (और थोड़ा नया करके बोल सकता) जो मैंने एक बार सुना था, तो मैं कहता कि शिष्यता का अस्तित्व है क्योंकि आराधना का नहीं है।
4 अप्रैल 2021

शिष्य ख्रीष्ट की आज्ञाओं का पालन करते हैं

जब यीशु ने सबसे पहले शमौन पतरस और उसके भाई अन्द्रियास को अपनी सेवा में बुलाया, तब उनके लिए उसकी आज्ञा थी कि, “मेरे पीछे आओ।” उस समय से, यीशु के पीछे चलने वालों को या उसका अनुसरण करने वालों को “शिष्य,” “विद्यार्थी,” या “अनुयायी” कहा गया।
1 अप्रैल 2021

शिष्यता के सामान्य साधन

प्रेरितों के काम 2:42 में, लूका उन साधनों का एक सारांश प्रदान करता है जिनके द्वारा आरम्भिक कलीसिया के शिष्यों के रूप में बढ़े। वह लिखता है कि, “और वे प्रेरितों से लगातार शिक्षा पाने, संगति रखने, रोटी तोड़ने, और प्रार्थना करने में लवलीन रहे।”