लिग्निएर का ब्लॉग

हम डॉ. आर. सी. स्प्रोल का शिक्षण संघ हैं। हम इसलिए अस्तित्व में हैं ताकि हम जितने अधिक लोगों तक सम्भव हो परमेश्वर की पवित्रता को उसकी सम्पूर्णता में घोषित करें, सिखाएं और रक्षा करें। हमारा कार्य, उत्साह, और उद्देश्य है कि हम लोगों को परमेश्वर के ज्ञान और उसकी पवित्रता में बढ़ने में सहायता करें।

 
4 मई 2021

परमेश्वर की इच्छा को जानना

जब लोग परमेश्वर की इच्छा को ढूंढने का प्रयास करते हैं, तो वे प्रायः अपने जीवन के लिए परमेश्वर के सम्पूर्ण योजना के अनुसार सही निर्णय लेने के विषय में सोचते हैं।
28 अप्रैल 2021

शिष्यता का मूल्य

आज कल लोगों का अनुसरण करना सरल है। हम सोशल मीडिया पर एक बटन दबाने पर एक दूसरे का अनुसरण (फॉलो) करते हैं। मूल्य बहुत कम है। अधिक से अधिक, हम थोड़ी सी प्रतिष्ठा खो देते हैं (निर्भर करता है कि हम किसका अनुसरण करते हैं)।
27 अप्रैल 2021

शिष्यता की स्वतंत्रता

एक किशोर के रूप में, मैं मसीही विश्वास को प्रतिबंधात्मक और दमनकारी के रूप में देखता था। यह मेरा भय था कि मसीही जीवन शैली मुझे केवल दासत्व और दुख के जीवन से भी बाँध देगी। इसलिए, मैं प्रतीक्षा कर था कि कब मैं अपने माता-पिता की निगरानी से निकल कर विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता से अपना जीवन जीऊंगा।
26 अप्रैल 2021

शिष्य खरे सिद्धांत से प्रेम करते हैं

कुछ वर्ष पहले, मेरी पत्नी नवजात बेटी, और मैं, फिलाडेल्फ़िया में रह रहे थे, जहाँ मैं वेस्टमिन्स्टर थियोलॉजिकल सेमिनरी में पी.एच.डी. का एक नया छात्र था। एक स्थानीय कलीसिया में आराधना करने के बाद, हमें उस कलीसिया के कुछ अगुवों के साथ स्नेहपूर्ण संगति करने का अवसर मिला।
25 अप्रैल 2021

शिष्य पवित्रता का पीछा करते हैं

केवल विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराए जाने के सिद्धांत के सामान्य मिथ्याबोधों में से एक यह है कि यह एक कल्पना है जिसका किसी के जीवन में कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं है।
23 अप्रैल 2021

शिष्य अन्य शिष्यों से प्रेम करते हैं

मसीही कलीसिया में हम प्रेम के बारे में बहुत बात करते हैं। यह ठीक भी है, क्योंकि प्रेम हमारे सन्देश के केन्द्र में है, सुसमाचार के (यूहन्ना 3:16)। परन्तु दूसरे मसीहियों से प्रेम करने का क्या अर्थ है? क्या यह वास्तव में इतना महत्वपूर्ण है? क्या हम केवल अपने आप मसीही जीवन नहीं जी सकते?
21 अप्रैल 2021

शिष्य सुधार स्वीकारते हैं

यह एक संयोग की बात नहीं है कि अंग्रेज़ी में डिसायपल (शिष्य) और डिसिप्लिन (अनुशासन) शब्द एक समान दिखते हैं। एक शिष्य वह है जो अनुशासित है।
20 अप्रैल 2021

शिष्य अपने हृदयों में परमेश्वर के वचन को संचित रखते हैं

“क्या मैं? पवित्रशास्त्र को कंठस्ठ करूँ? किन्तु अब मैं एक बच्चा नहीं रहा। अब मैं बच्चों को सिखाता हूँ। मैं सिखाता हूँ; वे सीखते हैं।” हालाँकि सम्भवत: ये वयस्क मसीहियों के वास्तविक शब्द नहीं हैं, पर ऐसी भावनाएं बहुत से लोगों के स्वभाव का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने वास्तव में विशेष पवित्रशास्त्र के खण्ड को कई वर्षों में कंठस्थ नहीं किया है (सम्भवतः कभी भी नहीं)।
19 अप्रैल 2021

शिष्य प्रभु में अपने माता-पिता की आज्ञा मानते हैं

यदि, वास्तव में, एक शिष्य एक सीखने वाला है, तो फिर शिष्यता के लिए माता-पिता के साथ बच्चों के सम्बन्ध से अधिक अनुकूल कोई और सम्बन्ध नहीं है। परिवार लगभग प्रत्येक समय, संस्कृति और धर्म में पहली शासन-प्रणाली है।