5 अप्रैल 2022

दुख उठाना और परमेश्वर की महिमा

मैं एक बार एक महिला से मिलने गया जो गर्भाशय के कैंसर से मर रही थी। वह अत्यन्त ही व्यथित थी, परन्तु केवल अपनी शारीरिक रोग के कारण नहीं।
3 फ़रवरी 2022

किससे बचाए गए?

मसीहियत का विश्व-प्रसिद्ध प्रतीक क्रूस है। क्रूस यीशु की सेवकाई के सार को निश्चित रूप देता है। यह उसके महान दुख-भोग के सबसे गहरे पहलू को प्रकट करता है।
26 मार्च 2021

“कोरम डेओ ” का अर्थ क्या है?

मुझे स्मरण है कि मम्मी मेरे सामने खड़ी थी, उनके हाथ उनकी कमर पर थे, उनकी आँखें आग के गर्म अंगारों जैसे चमक रही थीं और उन्होंने उच्च स्वर में कहा, “क्या बड़ा विचार है, हे जवान?”
11 मार्च 2021

छुटकारे की वाचा क्या है?

एक परम्परा के अनुसार जब सृष्टि के सिद्धान्त के सम्बन्ध में एक संदेहवादी के द्वारा उपहास किया गया, संत ऑगस्टीन से व्यंग्य पूर्वक तरीके से पूछा गया था, “परमेश्वर संसार की सृष्टि करने से पहले क्या कर रहा था? ऑगस्टीन का कथित उत्तर था: “वह जिज्ञासू आत्माओं के लिए नरक बना रहा था।”
4 मार्च 2021

परमेश्वर का भय मानने का क्या अर्थ है?

हमें बाइबल पर आधारित परमेश्वर के “भय” के अर्थ के विषय में कुछ महत्वपूर्ण भेद बनाने की आवश्यकता है। ये भेद सहायक हो सकते हैं, किंतु ये थोड़े ख़तरनाक भी हो सकते हैं। जब लूथर ने उससे संघर्ष किया, तो उसने यह भेद बनाया, जो तब से थोड़ा प्रसिद्ध हो गया: उसने दास के भय और संतान के भय के मध्य भेद किया।
2 मार्च 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान: सन्तों का अन्त तक बना रहना

फिलिप्पियों को लिखते हुए, पौलुस कहता है, “मुझे इस बात का निश्चय है कि जिसने तुम में भला कार्य आरम्भ किया है, वही उसे मसीह यीशु के दिन तक पूर्ण भी करेगा” (फिलिप्पियों 1:6)।
1 मार्च 2021

ट्यूलिप एवं धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान: अप्रतिरोध्य अनुग्रह

ऐतिहासिक धर्मसुधार की विचारधारा में, विचार यह है: नया जन्म विश्वास से पहले होता है। हम यह भी मानते हैं कि नया जन्म मॉनर्जिस्टिक (अंग्रेज़ी शब्द जिसका अर्थ समझाया जा रहा है) है।
28 फ़रवरी 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान : सीमित प्रायश्चित्त

मैं सोचता हूँ कि कैल्विनवाद के पाँच बिन्दुओं में, सीमित प्रायश्चित्त सबसे विवादास्पद है, और यही सम्भवतः सबसे अधिक भ्रम और व्याकुलता उत्पन्न करता है। यह सिद्धान्त मुख्यतः परमेश्वर के मूल उद्देश्य, योजना या अभिप्राय से सम्बन्धित है मसीह के क्रूस पर मरने के लिए संसार में भेजने में।
25 फ़रवरी 2021

ट्यूलिप और धर्मसुधारवादी ईश्वरविज्ञान: अप्रतिबन्धित चुनाव

चुनाव का धर्मसुधारवादी विचार, जो अप्रतिबन्धित चुनाव के नाम से भी जाना जाता है, का अर्थ है कि परमेश्वर पहले से कोई कार्य या हमारी स्थिति को नहीं देखते हैं जो उसे बाध्य करती है हमें बचाने के लिए। इसके विपरीत, चुनाव टिका हुआ है परमेश्वर की सार्वभौमिक निर्णय पर जिससे वह जिसे चाहता है उसे बचाता है।