जब मैनें पहली बार 1999 में सिन्क्लेयर फर्गसन की पुस्तक द होली स्पिरिट (पवित्र आत्मा) पढ़ी, तो मैं थॉमस अक्विनास के एक उद्धरण की ओर आकर्षित हुआ, जो प्रस्तावना में उद्धरित था, “ईश्वरविज्ञान परमेश्वर से निकलता है, हमें परमेश्वर के विषय में सिखाता है, और हमें परमेश्वर की ओर ले जाता हैं।”