शिष्यता

शिष्यता

टेबलटॉक का विशेषांक शिष्यता पर बाइबलीय शिक्षा की खोज-बीन करेगा। पृथ्वी पर यीशु की सेवकाई के समय, उसने बारह पुरुषों को प्रेरित होने के लिए बुलाया, परन्तु उसने कई और पुरुषों और स्त्रियों को शिष्य होने के लिए बुलाया। निश्चय ही, तब से मसीह शिष्यों को बुलाता रहा है। प्रत्येक मसीही, वास्तव में, एक शिष्य है—जो यीशु के पैरों के पास सीखने और उसकी आज्ञाओं को मानने के लिए बुलाया गया है। किन्तु आज, मसीही शिष्यता की प्रकिया बहुत उपेक्षित है, जिसके परिणामस्वरूप अनेक लोगों के लिए यह समझना कठिन है कि शिष्यता में क्या सम्मिलित है और यीशु का एक विश्वासयोग्य शिष्य कैसा दिखता है।

यह विशेषांक ध्यान देगा शिष्यता में क्या आवश्यक है और मसीही शिष्यों का आचरण कैसा होना चाहिए कि हम अपने प्रभु के प्रति और सभी राष्ट्रों के लोगों को शिष्य बनाने के प्रति विश्वासयोग्यता में बढ़ते जाएं।
 

 
28 मार्च 2021

शिष्यता का आदेश

कुछ वर्ष पहले, जिस देश में मैं एक सहायक पास्टर के रूप में कार्य कर रहा था, वहाँ कई इवैन्जलिकल कलीसियाओं ने निर्णय लिया कुछ सुसमाचारीय सभाओं की एक श्रृंखला को प्रायोजित करने में सहयोग करने का।
30 मार्च 2021

एक शिष्य क्या है?

बाइबल हमें स्मरण दिलाती है कि यीशु मसीह के आरम्भिक शिष्यों को सबसे पहले मसीही तब कहा गया जब विश्वास की साक्षी और गवाही अन्ताकिया शहर में आयी (प्रेरितों के काम 11:25)।
1 अप्रैल 2021

शिष्यता के सामान्य साधन

प्रेरितों के काम 2:42 में, लूका उन साधनों का एक सारांश प्रदान करता है जिनके द्वारा आरम्भिक कलीसिया के शिष्यों के रूप में बढ़े। वह लिखता है कि, “और वे प्रेरितों से लगातार शिक्षा पाने, संगति रखने, रोटी तोड़ने, और प्रार्थना करने में लवलीन रहे।”
4 अप्रैल 2021

शिष्य ख्रीष्ट की आज्ञाओं का पालन करते हैं

जब यीशु ने सबसे पहले शमौन पतरस और उसके भाई अन्द्रियास को अपनी सेवा में बुलाया, तब उनके लिए उसकी आज्ञा थी कि, “मेरे पीछे आओ।” उस समय से, यीशु के पीछे चलने वालों को या उसका अनुसरण करने वालों को “शिष्य,” “विद्यार्थी,” या “अनुयायी” कहा गया।
5 अप्रैल 2021

शिष्य परमेश्वर की आराधना करते हैं

यदि मैं एक वाक्यांश को ले सकता (और थोड़ा नया करके बोल सकता) जो मैंने एक बार सुना था, तो मैं कहता कि शिष्यता का अस्तित्व है क्योंकि आराधना का नहीं है।
6 अप्रैल 2021

शिष्य ठोकर खाते हैं

यदि मैं एक वाक्यांश को ले सकता (और थोड़ा नया करके बोल सकता) जो मैंने एक बार सुना था, तो मैं कहता कि शिष्यता का अस्तित्व है क्योंकि आराधना का नहीं है।
7 अप्रैल 2021

शिष्य अपने पापों को अंगीकार करते हैं

प्रेरित यूहन्ना 1 यूहन्ना 1:8-9 में वर्णन करता है हमारे स्वयं के पापों को देखने के दो तरीकों का, और उनके परिणामों का। पहला है स्वयं के पापी होने को स्वीकार करने की अनिच्छा (पद 8)। दूसरा है अनुभूति के एक नम्र एवं सच्चा मनोभाव (पद 9)। इस लेख में हम इस अन्तिम मनोभाव पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।
8 अप्रैल 2021

शिष्य, शिष्य बनाते हैं

तीतुस 2 नई वाचा के जोशपूर्ण जीवन का वर्णन करता है जहाँ पर पास्टर खरी शिक्षा सिखाता है और एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी की शिष्यता करती है; और कई बार शिष्यता लिंग-विशेष पर आधारित होती है, “वृद्ध स्त्रियाँ . . . अच्छी बातें सिखाने वाली हों और युवा स्त्रियों को प्रोत्साहित करें (पद 3-4)।
18 अप्रैल 2021

शिष्य अपने बच्चों की शिष्यता करते हैं

प्रभु ने परिवारों को रचा शिष्यों की उन्नति के लिए एक अनोखे स्थान के रूप में। माता-पिता को व्यवस्थाविवरण 6:6-7 में आज्ञा दी गई है परमेश्वर के वचनों के सिखाने की आज्ञा दी गई है “यत्न पूर्वक अपने बाल-बच्चों को सिखाना, तथा अपने घर में बैठे, मार्ग पर चलते और लेटते तथा उठते समय उनकी चर्चा किया करना।
19 अप्रैल 2021

शिष्य प्रभु में अपने माता-पिता की आज्ञा मानते हैं

यदि, वास्तव में, एक शिष्य एक सीखने वाला है, तो फिर शिष्यता के लिए माता-पिता के साथ बच्चों के सम्बन्ध से अधिक अनुकूल कोई और सम्बन्ध नहीं है। परिवार लगभग प्रत्येक समय, संस्कृति और धर्म में पहली शासन-प्रणाली है।
20 अप्रैल 2021

शिष्य अपने हृदयों में परमेश्वर के वचन को संचित रखते हैं

“क्या मैं? पवित्रशास्त्र को कंठस्ठ करूँ? किन्तु अब मैं एक बच्चा नहीं रहा। अब मैं बच्चों को सिखाता हूँ। मैं सिखाता हूँ; वे सीखते हैं।” हालाँकि सम्भवत: ये वयस्क मसीहियों के वास्तविक शब्द नहीं हैं, पर ऐसी भावनाएं बहुत से लोगों के स्वभाव का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने वास्तव में विशेष पवित्रशास्त्र के खण्ड को कई वर्षों में कंठस्थ नहीं किया है (सम्भवतः कभी भी नहीं)।
21 अप्रैल 2021

शिष्य सुधार स्वीकारते हैं

यह एक संयोग की बात नहीं है कि अंग्रेज़ी में डिसायपल (शिष्य) और डिसिप्लिन (अनुशासन) शब्द एक समान दिखते हैं। एक शिष्य वह है जो अनुशासित है।
23 अप्रैल 2021

शिष्य अन्य शिष्यों से प्रेम करते हैं

मसीही कलीसिया में हम प्रेम के बारे में बहुत बात करते हैं। यह ठीक भी है, क्योंकि प्रेम हमारे सन्देश के केन्द्र में है, सुसमाचार के (यूहन्ना 3:16)। परन्तु दूसरे मसीहियों से प्रेम करने का क्या अर्थ है? क्या यह वास्तव में इतना महत्वपूर्ण है? क्या हम केवल अपने आप मसीही जीवन नहीं जी सकते?
25 अप्रैल 2021

शिष्य पवित्रता का पीछा करते हैं

केवल विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराए जाने के सिद्धांत के सामान्य मिथ्याबोधों में से एक यह है कि यह एक कल्पना है जिसका किसी के जीवन में कोई व्यावहारिक परिणाम नहीं है।
26 अप्रैल 2021

शिष्य खरे सिद्धांत से प्रेम करते हैं

कुछ वर्ष पहले, मेरी पत्नी नवजात बेटी, और मैं, फिलाडेल्फ़िया में रह रहे थे, जहाँ मैं वेस्टमिन्स्टर थियोलॉजिकल सेमिनरी में पी.एच.डी. का एक नया छात्र था। एक स्थानीय कलीसिया में आराधना करने के बाद, हमें उस कलीसिया के कुछ अगुवों के साथ स्नेहपूर्ण संगति करने का अवसर मिला।
27 अप्रैल 2021

शिष्यता की स्वतंत्रता

एक किशोर के रूप में, मैं मसीही विश्वास को प्रतिबंधात्मक और दमनकारी के रूप में देखता था। यह मेरा भय था कि मसीही जीवन शैली मुझे केवल दासत्व और दुख के जीवन से भी बाँध देगी। इसलिए, मैं प्रतीक्षा कर था कि कब मैं अपने माता-पिता की निगरानी से निकल कर विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता से अपना जीवन जीऊंगा।
28 अप्रैल 2021

शिष्यता का मूल्य

आज कल लोगों का अनुसरण करना सरल है। हम सोशल मीडिया पर एक बटन दबाने पर एक दूसरे का अनुसरण (फॉलो) करते हैं। मूल्य बहुत कम है। अधिक से अधिक, हम थोड़ी सी प्रतिष्ठा खो देते हैं (निर्भर करता है कि हम किसका अनुसरण करते हैं)।